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ब्राजील के राष्ट्रपति ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के लिये मोदी को धन्यवाद दिया

राष्ट्र के नाम संदेश में बुधवार को बोल्सोनारो ने कहा कि ब्राजील को शनिवार को भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन के लिए जरूरी अवयव प्राप्त हो जायेंगे।

ब्राजील के राष्ट्रपति ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के लिये मोदी को धन्यवाद दिया

नयी दिल्ली, 9 अप्रैल ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन के लिये ब्राजील को कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया । इस दवा को कोरोना वायरस के संक्रमण के खिलाफ संभावित उपचार के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है ।

राष्ट्र के नाम संदेश में बुधवार को बोल्सोनारो ने कहा कि ब्राजील को शनिवार को भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन के लिए जरूरी अवयव प्राप्त हो जायेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे पास और अच्छे समाचार हैं। भारत के प्रधानमंत्री से मेरी सीधी बातचीत के मद्देनजर, हमें शनिवार तक हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन के लिये कच्चा माल प्राप्त हो जायेगा ताकि हम कोविड-19 के साथ साथ लुपस, मलेरिया, गठिया के मरीजों का उपचार कर सकें । ’’

ब्राजील के नेता ने कहा, ‘‘ मैं ब्राजील के लोगों की समय पर की गई इस मदद के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को धन्यवाद देता हूं । ’’

उनके भाषण के मूल पाठ के अंश लैटिन अमेरिकी देश के एक राजनयिक द्वारा उपलब्ध कराये गये ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अमेरिका को इस दवा के निर्यात की अनुमति देने के लिये मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत की मदद को भुलाया नहीं जायेगा ।

गौरतलब है कि भारत ने 25 मार्च को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी जिसके बारे में कुछ वर्गो से यह बात आई थी कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में इस दवा का उपयोग किया जा सकता है। भारत इस दवा का बड़ा निर्यातक है । मंगलवार को इसके निर्यात पर रोक को आंशिक रूप से हटा लिया गया था ।

इससे पहले, मोदी और बोल्सोनारों के बीच 4 अप्रैल को टेलीफोन पर बातचीत हुई थी जिसमें ब्राजील के नेता ने मोदी से आग्रह किया था कि वे दवा और इसके कच्चे माल के निर्यात की अनुमति दें ।

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी को अलग से लिखे एक पत्र में बोल्सोनारो ने इस बात का उल्लेख किया था कि ब्राजील की दो प्रयोगशाला ईएमएस और एस्पेन पिछले कई वर्षो से भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन के लिये कच्चे माल का आयात करती हैं और ब्राजील में दवा की आंतरिक आपूर्ति इन दो कंपनियों के उत्पादन पर निर्भर है ।

बोल्सोनारो ने मोदी से आग्रह किया था कि इस दवा पर प्रतिबंध से पहले दिये गए आर्डर के तहत ब्राजील को इसके कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ।

ब्राजील के राष्ट्रपति ने अपने पत्र में रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आपूर्ति उसी प्रकार की है जैसे लक्ष्मण के जीवन को बचाने के लिये भगवान हनुमान हिमालय से औषधि लाए थे।

उल्लेखनीय है कि ब्राजील लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा देश है और वहां कोरोना वायरस के संक्रमण के 14 हजार मामले सामने आए हैं और इसके कारण 660 लोगों की मौत हो चुकी है ।

बोल्सोनारो ने कहा कि ब्राजील को उम्मीद है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन से उनके देश में वायरस से संक्रमित लोगों के उपचार में मदद मिलेगी ।

उन्होंने अपने पत्र में कहा, ‘‘ कई अन्य देशों की तरह ही ब्राजील को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उपयोग से काफी उम्मीदें हैं ।

दीपक

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2020 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).