देश की खबरें | राष्ट्रपति कोविंद तुर्कमेनिस्तान, नीदरलैंड की यात्रा पर रवाना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तुर्कमेनिस्तान और नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर शुक्रवार को रवाना हो गए जिसमें वे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे ।

नयी दिल्ली, एक अप्रैल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तुर्कमेनिस्तान और नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर शुक्रवार को रवाना हो गए जिसमें वे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे ।

राष्ट्रपति भवन ने ट्वीट में कहा, ‘‘ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तुर्कमेनिस्तान और नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए । यह भारत के किसी राष्ट्रपति की तुर्कमेनिस्तान की पहली यात्रा होगी ।’’

इसमें कहा गया है कि भारत के किसी राष्ट्रपति की 34 वर्ष बाद नीदरलैंड की यात्रा हो रही है । इससे पहले 1988 में तत्कालीन राष्ट्रपति वेंकटरामण वहां गए थे ।

राष्ट्रपति भवन ने ट्वीट के साथ एक चित्र भी साझा किया । राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद भी गई हैं ।

वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तुर्कमेनिस्तान और नीदरलैंड की यात्रा पर रवाना हुए ।

उन्होंने कहा कि भारत के किसी राष्ट्रपति की स्वतंत्र तुर्कमेनिस्तान की यह पहली यात्रा है।

बागची ने कहा कि यह संयोग है कि राष्ट्रपति की नीदरलैंड की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हमारे राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं । इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम), संजय वर्मा ने एक अप्रैल से शुरू हो रही राष्ट्रपति कोविंद की तुर्कमेनिस्तान और नीदरलैंड की सप्ताह भर की यात्रा के संबंध में बताया था कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे।

वर्मा ने बताया था कि तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति के न्योते पर, राष्ट्रपति कोविंद वहां की एक से चार अप्रैल तक राजकीय यात्रा करेंगे।

उन्होंने कहा था कि यह भारत के राष्ट्रपति की स्वतंत्र तुर्कमेनिस्तान की अब तक की पहली यात्रा होगी, जो वहां के नये राष्ट्रपति सरदार बेर्दीमुहामेदोव के शपथ ग्रहण के कुछ ही दिनों बाद हो रही है।

उन्होंने कहा था, ‘‘राष्ट्रपति की राजकीय यात्रा न सिर्फ तुर्कमेनिस्तान के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंध के महत्व की पुन:पुष्टि करेगी, बल्कि हमारे विस्तारित पड़ोस की अवधारणा और भारत-मध्य एशिया साझेदारी के संदर्भ को भी प्रदर्शित करेगी।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (तापी) पाइपलाइन के मुद्दे पर भी बातचीत होगी, वर्मा ने कहा था कि, ‘‘(तापी पर) वार्ता जारी हैं।

उन्होंने यह भी कहा था कि तुर्कमेनिस्तान के नेतृत्व के साथ राष्ट्रपति की वार्ता के दौरान अफगानिस्तान का भी जिक्र आएगा।

यह पूछे जाने पर कि क्या राष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान डच (नीदरलैंड के) नेतृत्व के साथ यूक्रेन संकट पर चर्चा होगी, वर्मा ने कहा था कि, ‘‘यदि यह मुद्दा उठता है तो इसमें आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए। यूक्रेन पर हमारा रुख स्पष्ट है और यूरोप में हमारे मित्रों के साथ तालमेल है। हमारा रुख विशिष्ट है और यह पिछले चार हफ्तों के दौरान बताया गया है।’’

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