देश की खबरें | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 भूवैज्ञानिकों को राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया

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नयी दिल्ली, 24 जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को देश भर के 22 पेशेवरों और शिक्षाविदों को भूविज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार-2022 से सम्मानित किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

खान मंत्रालय ने कहा कि पुरस्कारों को तीन श्रेणियों में ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ के लिए राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार, राष्ट्रीय युवा भूवैज्ञानिक पुरस्कार और राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार में बांटा गया था।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘देश भर के कामकाजी पेशेवरों और शिक्षाविदों सहित 22 भूवैज्ञानिक सम्मानित किए गए। लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार डॉ. ओम नारायण भार्गव को प्रदान किया गया, जो पिछले चार दशकों में हिमालय में अपने अग्रणी काम के लिए जाने जाते हैं।’’

बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय युवा भूवैज्ञानिक पुरस्कार काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर अमिय कुमार सामल को प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘खनन हमारी अर्थव्यवस्था का प्राथमिक क्षेत्र है। देश के आर्थिक विकास में खनिज विकास का महत्वपूर्ण योगदान है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में कई प्रगतिशील परिवर्तन लाये गये हैं। ये बदलाव खनन क्षेत्र की क्षमता और उत्पादकता को बढ़ा रहे हैं।’’

वर्ष 1966 में राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार (एनजीए) की शुरुआत भूविज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों और उत्कृष्ट योगदान के लिए व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई थी। पुरस्कार खनिज खोज और अन्वेषण, बुनियादी भूविज्ञान, अनुप्रयुक्त भूविज्ञान और खनन, खनिज लाभकारी और सतत खनिज विकास के क्षेत्र में प्रदान किए जाते हैं।

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