विदेश की खबरें | प्रीति पटेल ने ब्रिटेन के वीजा विभाग में कामकाज के चलन में बदलाव का वादा किया
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लंदन, 22 जुलाई ब्रिटेन की भारतीय मूल की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने वीजा विभाग में कामकाज के तौर-तरीके और कार्य-संस्कृति में बदलाव का वादा किया है। यह बदलाव विंडरश कांड से “ सीखे सबक“ के आधार पर होंगे।
इस कांड में राष्ट्रमंडल विरासत के हजारों वैध प्रवासियों को गलत तरीके से ब्रिटेन में रहने के अधिकार से वंचित कर दिया गया था।
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द्वितीय विश्व युद्घ के बाद श्रमिकों की कमी को पूरा करने के लिए राष्ट्रमंडल नागरिकों को लाया गया था। इससे क्या सबक सीखे गए हैं, इसकी समीक्षा इस साल के शुरू में जारी की गई थी।
नए उपायों के तहत गृह कार्यालय में काम करने वाले हर कर्मी को व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे इस देश में प्रवासी और नस्ल के इतिहास को समझ सकें।
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विदेश कार्यालय के हर मौजूदा और नए कर्मी को इस प्रशिक्षण से गुजरना होगा।
पटेल ने मंगलवार को कहा, “मैं ‘सीखे सबक’ की समीक्षा के अहम निष्कर्षों को लागू करने के लिए बदलाव कर रही हूं ताकि यह सुनिश्चित हो सके इस तरह का कुछ फिर कभी न हो।“
उन्होंने कहा, “ जो कदम मैंने उठाएं हैं, उनसे विभाग में सांस्कृतिक बदलाव आएगा जिससे ज्यादा विविधतापूर्ण नेतृत्व आएगा। मैं चाहती हूं कि विंडरश पीढ़ी को इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि मैं विभाग के कामकाज में सुधार करुंगी ताकि इसमें सभी समुदायों का बेहतर प्रतिनिधित्व हो।“
विंडरश पीढ़ी में वे लोग आते हैं जो ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेश के नागिरक थे और 1973 से पहले ब्रिटेन आ गए थे। तब राष्ट्रमंडल देशों के ऐसे नागरिकों के ब्रिटेन में रहने और काम करने के अधिकारों में कानूनी संशोधन किया गया था।
इनमें बड़ी संख्या में जमैका/कैरिबियन वंश के लोग 22 जून 1948 को एम्पायर पोत से ब्रिटेन पहुंचे थे। उस दौर के भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के प्रवासी भी इसी श्रेणी में आते हैं।
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