जरुरी जानकारी | रेपो दर को स्थिर रखना व्यावहारिक कदम, टिकाऊ वृद्धि सुनिश्चित करेगाः विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को नीतिगत ब्याज दर स्थिर रखने के रिजर्व बैंक के निर्णय को व्यावहारिक बताते हुए कहा कि यह फैसला टिकाऊ आर्थिक वृद्धि को सुनिश्चित करेगा।

नयी दिल्ली, आठ फरवरी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने बृहस्पतिवार को नीतिगत ब्याज दर स्थिर रखने के रिजर्व बैंक के निर्णय को व्यावहारिक बताते हुए कहा कि यह फैसला टिकाऊ आर्थिक वृद्धि को सुनिश्चित करेगा।

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने वैश्विक अनिश्चितता और खुदरा मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत पर लाने की जरूरत को देखते हुए लगातार छठी बार रेपो दर को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है।

उद्योग मंडल एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने मौद्रिक नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत तक लाने की दिशा में लगातार प्रयास को वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के समग्र संदर्भ में देखा जाना चाहिए। एसोचैम ने टिकाऊ आर्थिक वृद्धि के इस फैसले को व्यावहारिक बताया।

कोटक आल्टरनेट एसेट मैनेजर्स की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (निवेश एवं रणनीति) लक्ष्मी अय्यर ने कहा कि मुद्रास्फीति के मोर्चे पर कोई बड़ी चिंता न जताना राहत देने वाली बात है लेकिन खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजरें रहेंगी।

अय्यर ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 में मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है लेकिन आरबीआई का चार प्रतिशत मुद्रास्फीति की तरफ अंतिम दौर का प्रयास बहुत महत्वपूर्ण है।’’

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की दिल्ली इकाई के चेयरमैन पुनीत कौरा ने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य और मुद्रास्फीति की स्थिति के मद्देनजर आरबीआई का यह कदम उम्मीदों के अनुरूप ही है। उन्होंने कहा कि इससे रियल एस्टेट और वाहन जैसे उद्योगों के अलावा विनिर्माण और एमएसएमई क्षेत्र को भी मदद मिलेगी।

पीडब्ल्यूसी इंडिया में साझेदार और आर्थिक परामर्श प्रमुख रानेन बनर्जी ने कहा कि नीतिगत दर को स्थिर रखने के फैसले की उम्मीद थी लेकिन रुख को भी वापस लेने पर कायम रहना थोड़ा आश्चर्यजनक है। उन्होंने इसके लिए राजकोषीय मजबूती को संभावित कारण बताया।

बंधन बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री और शोध प्रमुख सिद्धार्थ सान्याल के मुताबिक, तरलता की सख्ती को लेकर व्याप्त चिंताओं के बीच आरबीआई ने कहा है कि सरकारी खर्च बढ़ाने से बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाने में मदद मिलनी चाहिए।

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कार्यकारी निदेशक उत्तम टिबरेवाल ने कहा कि आरबीआई की नीति उम्मीद के अनुरूप ही है और मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत की लक्षित सीमा तक लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

प्रेम

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