देश की खबरें | पंजाब में बिजली संकट ‘मानव निर्मित’, कांग्रेस सरकार की ‘घोर लापरवाही’ का नतीजा : बादल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने वर्तमान बिजली संकट के लिए रविवार को पंजाब की कांग्रेस नीत सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह पूरी तरह ‘‘मानव निर्मित’’ संकट है और सरकार की ओर से ‘‘अग्रिम योजना एवं तैयारियों के अभाव एवं घोर लापरवाही’’ का नतीजा है।
अमृतसर, दस अक्टूबर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने वर्तमान बिजली संकट के लिए रविवार को पंजाब की कांग्रेस नीत सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह पूरी तरह ‘‘मानव निर्मित’’ संकट है और सरकार की ओर से ‘‘अग्रिम योजना एवं तैयारियों के अभाव एवं घोर लापरवाही’’ का नतीजा है।
उनका बयान ऐसे समय में आया है जब सरकारी स्वामित्व वाली पीएसपीसीएल ने कहा है कि राज्य में 13 अक्टूबर तक रोजाना तीन घंटे तक बिजली की कटौती होगी। कोयले की कमी के कारण पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को बिजली उत्पादन में कमी लानी पड़ रही है और लोड शेडिंग करना पड़ रहा है।
बादल ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘यह (बिजली संकट) संपूर्ण प्रशासनिक विफलता का हिस्सा है, जो आज पंजाब में व्याप्त है क्योंकि सत्तारूढ़ दल सत्ता के खेल और बदले की राजनीति में डूबा हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह संकट आने ही वाला था और इसका कोयले की कमी से कोई लेना-देना नहीं है। कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में कोयला आपूर्ति की कमी नहीं है। यह स्पष्ट दिखाता है कि पंजाब सरकार वास्तविक खलनायक है क्योंकि इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए वह कोयले का आवश्यक भंडार नहीं रख रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की यह सरकार पंजाब के साथ ऐसा कर रही है, जो अधिक बिजली उत्पादन वाला राज्य था।’’
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती अकाली सरकार के दौरान बिजली प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल थी।
उन्होंने कहा कि बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के अलावा शिअद सरकार ने हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान दिया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)