ताजा खबरें | डाक घर विधेयक चर्चा चार अंतिम रास

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए संचार राज्य मंत्री देवूसिंह चौहान ने कहा कि यह विधेयक प्रौद्योगिकी के माध्यम से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को केंद्र की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि सरकार को पारदर्शिता से काम करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाना होगा। डाक घरों को आधुनिक बनाने के लिए लाया गया यह विधेयक इसी दिशा में एक कदम है।

उन्होंने कहा कि देश में एक लाख 64 हजार डाकघर हैं जिनमें चार करोड़ प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के लिए खाते खोले गए । यह बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डाक घरों को बैंकिंग प्रणाली से, बीमा प्रणाली से संबद्ध करना बड़ी बात है।

भाजपा के मिथलेश कुमार ने विधेयक को समय की मांग बताते हुए कहा कि आज इंटरनेट और तमाम आधुनिक सुविधाओं के दौर में भी डाक घर उन इलाकों में प्रासंगिक बने हुए हैं जहां पर विकास की रोशनी पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाई है।

उन्होंने कहा कि गांवों में राखी के लिए आज भी डाक विभाग पर ही पहली नजर जाती है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक निश्चित रूप से जरूरी है और इससे नुकसान नहीं बल्कि फायदा होगा।

आम आदमी पार्टी के संजीव कुमार ने कहा कि ब्लू डार्ट और अन्य कंपनियों की तरह ही डाक विभाग को प्रतिस्पर्धा के समान अवसर मुहैया कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवा प्रदाता कंपनियों को डाकघर के पास अपने भंडारण गृह बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर सामान की आपूर्ति में लगने वाला समय कम होगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि डाक घरों को म्यूचुअल फंड का काम करने की अनुमति भी दी जानी चाहिए ताकि इसकी भी उपयोगिता भी बढ़े और लोग अपने अपने इलाकों में इसका लाभ ले सकें।

भाजपा के रामभाई हरजी भाई मोकारिया ने कहा कि डाकघर की जरूरत कल भी थी और कल भी रहेगी जिसे देखते हुए उसमें सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा ‘‘अभी डाकिया दूसरी तीसरी मंजिल पर डाक पहुंचाने नहीं जाते हैं जबकि कूरियर कंपनी के कर्मचारी दूसरी तीसरी मंजिल पर डाक पहुंचाने के लिए जाते हैं। डाकघर के कर्मियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए।’’

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