देश की खबरें | मणिपुर में राजनीतिक संकट जल्द ही खत्म हो जाएगा : बिरेन सिंह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात के बाद दिल्ली से लौटने पर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने कहा कि राज्य में हाल ही में पैदा हुआ राजनीतिक संकट जल्द ही खत्म हो जाएगा।
इम्फाल, चार जुलाई गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात के बाद दिल्ली से लौटने पर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने कहा कि राज्य में हाल ही में पैदा हुआ राजनीतिक संकट जल्द ही खत्म हो जाएगा।
सहयोगी दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के चार मंत्रियों के इस्तीफों और शाह तथा नड्डा के हस्तक्षेप के बाद उनके राजग में लौटने के बाद यह राष्ट्रीय राजधानी का बिरेन का पहला दौरा था।
दिल्ली से लौटने पर शुक्रवार शाम को मुख्यमंत्री ने इम्फाल हवाई अड्डे पर खुद कोरोना वायरस की जांच कराई और जांच नतीजों में संक्रमित न पाए जाने के बाद ही घर के लिए रवाना हुए।
उन्होंने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘‘दिल्ली का दौरा अच्छा था और केंद्रीय नेता मणिपुर में राज्यसभा चुनाव में अहम जीत को लेकर काफी खुश हैं।’’
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मणिपुर से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए 19 जून का चुनाव सत्तारूढ़ गठबंधन के नौ सदस्यों के इस्तीफे के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि में हुआ। चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार लिशेम्बा सनजाओबा ने कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया।
एनपीपी मंत्रियों को विभागों का बंटवारा किए जाने पर सवालों के जवाब में सिंह ने कहा, ‘‘केंद्रीय नेतृत्व ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करता है। हमारी एक राष्ट्रीय पार्टी है। राष्ट्रीय नेताओं की सलाह और सुझाव लेना मेरा कर्तव्य है।’’
दरअसल सरकार से इस्तीफा देते हुए एनपीपी के मंत्रियों ने मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को अहम वजहों में से एक बताया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि केंद्रीय नेताओं के आशीर्वाद से हर चीज का जल्द ही समाधान निकल आएगा।’’
जेड सुरक्षा दिए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी और एक जुलाई को गृह मंत्री से मुलाकात के बाद इसके बारे में पता चला।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुद कोई जानकारी नहीं थी और मैं हैरान था।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों की सूचनाओं के आधार पर ही ऐसा किया गया होगा।
इस राजनीतिक संकट के खत्म होने के बाद बिरेन सिंह अपनी ही पार्टी और सहयोगी दलों के विधायकों की मंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की एक अन्य चुनौती का सामना कर रहे हैं, जिसके लिए वह केंद्रीय नेताओं से सलाह ले सकते हैं।
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