देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी ने की बावड़ियों के संरक्षण के लिए महाराष्ट्र के एचआर पेशेवर के जुनून की तारीफ
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औरंगाबाद, 27 मार्च प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मासिक 'मन की बात' कार्यक्रम में महाराष्ट्र की बावड़ियों के संरक्षण के लिये मुंबई के मानव संसाधन पेशेवर रोहन काले के प्रयासों की तारीफ की।
काले ने कहा कि उन्होंने यहां की 1,650 बावड़ियों का नक्शा तैयार कर उनका दस्तावेजीकरण किया है। इसके लिये उन्होंने राज्य में 14,000 किलोमीटर की यात्रा की।
निजी कंपनी में काम करने वाले काले (38) ने कहा कि गुजरात की यात्रा के दौरान उनमें बावड़ियों के संरक्षण के प्रति एक जुनून पैदा हुआ, जिसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र में इस तरह की पारंपरिक संरचनाओं के संरक्षण के लिए अपना मिशन शुरू किया।
उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य न केवल इन जल निकायों के गौरव को वापस लाना है, बल्कि वह उन्हें ऐसे स्थानों में बदलना चाहते हैं, जिनसे उन क्षेत्रों की पेयजल आवश्यकताएं पूरी हो, जहां वे स्थित हैं।
बावड़ी या बावली उन सीढ़ीदार कुओं , तालाबों या कुण्ड को कहते हैं जिन के जल तक सीढ़ियों से उतरकर आसानी से पहुंचा जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के दौरान कहा, ''रोहन काले, महाराष्ट्र के एक युवा मानव संसाधन पेशेवर है। वह बावड़ियों के संरक्षण के लिए एक मुहिम चला रहे है। उनमें से कई कुछ सदियों पुरानी हैं और हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं।''
काले ने अपनी पहल 'महाराष्ट्र बराव मोहिम' (महाराष्ट्र बावड़ी मुहिम) के बारे में 'पीटीआई-' से कहा, ''मुंबई में एक दवा कंपनी के मानव संसाधन विभाग में काम करते हुए, मैं अक्सर कार्यालय से संबंधित काम के लिए गुजरात जाता था। 2017 में गुजरात में सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं में किलों की खोज करते हुए मुझे बावड़ियों से प्यार हो गया।''
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