देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी चुप्पी साध लेते हैं, यह कमजोर नेता का संकेत: केजरीवाल ने मणिपुर वीडियो के बाद कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के वीडियो ने राष्ट्र की अंतरात्मा को झकझोरकर रख दिया है।

नयी दिल्ली, 20 जुलाई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के वीडियो ने राष्ट्र की अंतरात्मा को झकझोरकर रख दिया है।

उन्होंने राज्य में शांति बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख ने कहा, ‘‘यह अक्सर देखा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी इस तरह की घटनाओं पर चुप्पी साध लेते हैं। यह एक कमजोर नेता का संकेत है। एक बहादुर नेता सामने आता है।’’

केजरीवाल ने कहा, ‘‘जो वीडियो वायरल हुआ है उसने राष्ट्र की अंतरात्मा को झकझोरकर रख दिया है। यह आपराधिक और अत्यधिक शर्मनाक है कि राज्य में दो महीने से अधिक समय से हिंसा हो रही है लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह बहुत दुखद है कि मणिपुर (सरकार) और केंद्र इसके लिए जिम्मेदार हैं।’’

चार मई को हुई इस घटना का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद मणिपुर के पर्वतीय क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।

केजरीवाल ने घटना को लेकर राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘वीडियो वायरल होने के बाद केवल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। यह सरकार की आपराधिक साजिश, लापरवाही और सांठगांठ को दर्शाता है।’’

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे की बढ़ती मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए पहली प्राथमिकता राज्य में शांति बहाली है। मैं इस पर राजनीति नहीं करना चाहता क्योंकि यह एक बहुत संवेदनशील मुद्दा है। प्रधानमंत्री को आगे आकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कड़े कदम उठाने होंगे।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की घटना पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है और इससे पूरे देश की बेइज्जती हुई है।

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 150 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

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