जरुरी जानकारी | ‘पीएम गतिशक्ति’ की आधुनिक बुनियादी ढांचे को और विकसित करने में अहम भूमिका होगी: मोदी
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नयी दिल्ली, 28 फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ‘पीएम गतिशक्ति’ पहल बेहतर समन्वय एवं निगरानी के माध्यम से देश में आधुनिक बुनियादी ढांचे को और विकसित करने में मदद करेगी।
उन्होंने निजी क्षेत्र को सरकार के साथ साझेदारी करने और निवेश बढ़ाने के लिए भी कहा।
मोदी ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ एक एकीकृत योजना है, जो लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ‘अंतर’ को पाटने का काम करेगी।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के बजट-पश्चात वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे साजो-सामान की लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राजमार्ग, ‘ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी’, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे हर क्षेत्र में निवेश बढ़ाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘पीएम गतिशक्ति’ पहल से निर्यात को बढ़ावा देने और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद मिलेगी।
मोदी ने कहा कि इस साल के बजट ने 21वीं सदी में भारत के विकास की गति निर्धारित की है और बुनियादी ढांचे पर आधारित विकास की इस दिशा से भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत में असाधारण वृद्धि होगी और रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होंगी।
उन्होंने परियोजनाओं को पूरा करने के पारंपरिक तरीकों में हितधारकों के बीच तालमेल की कमी का उल्लेख भी किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा विभिन्न संबंधित विभागों के बीच स्पष्ट जानकारी की कमी के चलते था। पीएम गति शक्ति के कारण अब हर कोई पूरी जानकारी के साथ अपनी योजना बना सकेगा। इससे देश के संसाधनों का इष्टतम उपयोग भी होगा।’’
उन्होंने पीएम गति शक्ति पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि 2013-14 में भारत सरकार का प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय लगभग 2.50 लाख करोड़ रुपये था, जो 2022-23 में बढ़कर 7.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
मोदी ने कहा, ‘‘सहकारी संघवाद के सिद्धांत को मजबूत करते हुए हमारी सरकार ने इस साल के बजट में राज्यों की सहायता के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्य सरकारें इस राशि का इस्तेमाल मल्टीमॉडल अवसंरचना और अन्य उत्पादक परिसंपत्तियों पर कर सकेंगी।’’
साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क सुधारने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पीएम गति शक्ति - राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत वन भूमि और उपलब्ध औद्योगिक संपदा के बारे में भी जानकारी पाई जा सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत सभी महत्वपूर्ण जानकारी अब एक मंच पर उपलब्ध है और निजी क्षेत्र को अपनी योजनाओं के लिए इसका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि माना जाता है कि भारत में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद का 13-14 प्रतिशत है और यह दूसरे देशों की तुलना में अधिक है।
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