जरुरी जानकारी | पॉलिमर आयात शुल्क में कटौती के पक्ष में प्लास्टिक उद्योग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्लास्टिक उद्योग ने आयातित पॉलिमर पर शुल्क कम करने की मांग की है। उद्योग का कहना है कि देश में इस उत्पाद का पर्याप्त उत्पादन नहीं होता है, ऐसे में इसके आयात पर शुल्क कम करने की जरूरत है।

कोलकाता, पांच जनवरी प्लास्टिक उद्योग ने आयातित पॉलिमर पर शुल्क कम करने की मांग की है। उद्योग का कहना है कि देश में इस उत्पाद का पर्याप्त उत्पादन नहीं होता है, ऐसे में इसके आयात पर शुल्क कम करने की जरूरत है।

उद्योग निकाय प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने वित्त मंत्रालय को सौंपे बजट पूर्व ज्ञापन में कहा है कि पॉलिमर पर आयात शुल्क मौजूदा बुनियादी स्तर 10 प्रतिशत के स्थान पर पांच से 7.5 प्रतिशत के बीच होना चाहिए।

संस्था ने बयान में कहा कि भारत पर्याप्त मात्रा में पॉलिमर का उत्पादन नहीं करता है, इसलिए उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इसपर आयात शुल्क कम किया जाना चाहिए।

फाउंडेशन ने कहा कि सरकार को घरेलू उद्योग को समर्थन देने के लिए तैयार प्लास्टिक उत्पादों पर न्यूनतम 20 प्रतिशत के स्तर पर आयात शुल्क लगाना चाहिए।

प्लास्टइंडिया फाउंडेशन प्लास्टिक से जुड़े प्रमुख संघों, संगठनों और संस्थानों की शीर्ष संस्था है।

इसने यह भी कहा कि उद्योग को भारत में सौर पैनल जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के दोहन के लिए कई कलपुर्जों के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। वहीं आयातित कलपुर्जों पर सीमा शुल्क कम से कम 20 प्रतिशत होना चाहिए।

बयान में कहा गया है कि भारतीय प्लास्टिक उद्योग का आकार वर्ष 2025 तक 32 अरब डॉलर से बढ़कर करीब 35 अरब डॉलर का हो जाएगा।

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