विदेश की खबरें | फिलीपीन ने विवादित झील में तैरते चीनी अवरोधकों को हटाने का संकल्प लिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. फिलीपीन के अधिकारियों ने कहा कि ‘स्कारबोरो तट’ पर लैगून झील के प्रवेश द्वार पर 300 मीटर (980 फुट) लंबा अवरोधक ‘अवैध और अनुचित’ है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

फिलीपीन के अधिकारियों ने कहा कि ‘स्कारबोरो तट’ पर लैगून झील के प्रवेश द्वार पर 300 मीटर (980 फुट) लंबा अवरोधक ‘अवैध और अनुचित’ है।

फिलीपीन का मछली पकड़ने वाला जहाज शुक्रवार को जब जा रहा था तो चीनी तटरक्षक बल के पोतों ने अवरोधक लगा दिया। फिलीपीन के तट रक्षक बल ने कहा कि उस समय 50 से अधिक मछली पकड़ने वाली फिलीपीनी नावें तट के बाहर थीं।

फिलीपीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एडुअर्डो एनो ने कहा, ‘‘हम चीनी तट रक्षक द्वारा तैरते अवरोधक लगाने की निंदा करते हैं। पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना द्वारा अवरोधक लगाना हमारे मछुआरों के मछली पकड़ने के पारंपरिक अधिकारों का उल्लंघन है।’’

एनो ने कहा कि फिलीपीन इलाके में अवरोधकों को हटाने और अपने मछुआरों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सभी उचित कदम उठाएगा।

बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि तट और इसके पास स्थित झील चीन का आंतरिक क्षेत्र है जिस पर बीजिंग की संप्रभुता विवाद से परे है।

वांग ने कहा कि फिलीपीन के मछली पकड़ने वाले जहाज ने चीन की इजाजत के बिना 22 सितंबर को इस झील में जबरन घुसपैठ करने की कोशिश की थी।

वांग ने कहा, ‘‘चीनी सुरक्षा गार्ड ने कानून के अनुरूप जहाज को रोकने और आगाह करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।’’

फिलीपीन का कहना है कि स्कारबोरो तट उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित है, जो 200-समुद्री मील (370 किमी) का समुद्री जल क्षेत्र है जहां तटीय राज्यों को मछली और अन्य संसाधनों पर विशेष अधिकार है।

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