देश की खबरें | फार्मा कंपनी मायलन को रेमडेसिविर के उत्पादन की मंजूरी मिली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हीटीरो और सिप्ला के बाद अब फार्मास्युटिकल कंपनी मायलन को भारतीय दवा नियामक की ओर से अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 रोगियों पर ‘आपात स्थिति में सीमित तरीके से इस्तेमाल’ के लिए एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर के उत्पादन और बिक्री की अनुमति मिल गयी है।
नयी दिल्ली, दो जुलाई हीटीरो और सिप्ला के बाद अब फार्मास्युटिकल कंपनी मायलन को भारतीय दवा नियामक की ओर से अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 रोगियों पर ‘आपात स्थिति में सीमित तरीके से इस्तेमाल’ के लिए एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर के उत्पादन और बिक्री की अनुमति मिल गयी है।
दवा के इस्तेमाल से पहले प्रत्येक रोगी की लिखित सहमति लेनी होगी, वहीं मार्केटिंग के बाद निगरानी के आंकड़े तथा गंभीर प्रतिकूल परिणाम वाले मामलों की जानकारी देनी होगी।
हीटीरो और सिप्ला को 21 जून को इन्ही शर्तों पर दवा के उत्पादन और बिक्री की अनुमति दी गयी थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ‘कोविड-19 के लिए क्लीनिकल प्रबंधन प्रोटोकॉल’ में मामूली बीमारी वाले कोविड-19 रोगियों में दवा के इस्तेमाल की सिफारिश की थी।
यह भी पढ़े | बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से 17 लोगों की मौत: 2 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
दवा को आपात स्थिति में सीमित उद्देश्य के लिहाज से ही ‘अन्वेषण पद्धति’ में शामिल किया गया है।
इसमें कहा गया है कि दवा इंजेक्शन के माध्यम से पहले दिन 200 मिलीग्राम दी जानी चाहिए और फिर पांच दिन तक रोजाना 100 मिलीग्राम दी जानी चाहिए।
एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने बृहस्पतिवार को मंजूरी दी।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)