देश की खबरें | खुद को 'जनहितैषी' बताने वाले लोगों के इरादे ठीक नहीं है: त्रिपुरा सरकार ने उच्चतम न्यायालय से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. त्रिपुरा सरकार ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि खुद को जनहितैषी बताकर, राज्य में हाल में हुए ''सांप्रदायिक दंगों'' की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाले लोगों की नीयत ठीक नहीं है और वे जनहित की आड़ में इस अदालत का गलत उद्देश्यों से इस्तेमाल कर रहे हैं।

नयी दिल्ली, 23 जनवरी त्रिपुरा सरकार ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि खुद को जनहितैषी बताकर, राज्य में हाल में हुए ''सांप्रदायिक दंगों'' की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाले लोगों की नीयत ठीक नहीं है और वे जनहित की आड़ में इस अदालत का गलत उद्देश्यों से इस्तेमाल कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनाव पूर्व और चुनाव के बाद हुई सिलसिलेवार हिंसा पर याचिकाकर्ता की ''चुप्पी'' की ओर इशारा करते हुए, त्रिपुरा सरकार ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की तथाकथित सार्वजनिक भावना कुछ महीने पहले बड़े पैमाने पर हुई साम्प्रदायिक हिंसा के दौरान नहीं जागी और त्रिपुरा जैसे छोटे से राज्य में हुईं कुछ घटनाओं के कारण अचानक उनकी जनहित की भावना जाग उठी।

राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है, ''यह इंगित किया जाता है कि याचिकाकर्ता के इस तरह के चयनात्मक आक्रोश को इस अदालत के समक्ष बचाव के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है बल्कि जनहित की आड़ में, इस अदालत के मंच का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से गलत उद्देश्यों को पूरा करने के लिये गया है।''

हलफनामे में कहा गया है, ''यह एक याचिका या अन्य का सवाल नहीं है, बल्कि देश के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष कार्यवाही की महिमा और पवित्रता का सवाल है। कोई भी व्यक्ति या समूह जो पेशेवर रूप से जनहितैषी व्यक्ति / समूह के रूप में कार्य कर रहा है, कुछ स्पष्ट लेकिन अघोषित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए न्यायालय के असाधारण क्षेत्राधिकार का अपने हिसाब से इस्तेमाल नहीं कर सकते। जनहित को लेकर चयनात्मक आक्रोश ही इस याचिका को खारिज करने को सही ठहराता है।'''

हलफनामा अधिवक्ता एहतेशाम हाशमी द्वारा दायर एक जनहित याचिका के जवाब में दायर किया गया है। हाशमी की याचिका में त्रिपुरा में हाल के ''सांप्रदायिक दंगों'' और इसमें राज्य पुलिस की कथित मिलीभगत और निष्क्रियता की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।

सरकार के हलफनामे में आरोप लगाया गया है कि यह स्पष्ट रूप से जनहित के दिखावे के तहत और कुछ अज्ञात एजेंडे को हासिल करने के लिए एकतरफा आक्रोश का मामला है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्य त्रिपुरा में हाल ही में आगजनी, लूटपाट और हिंसा की घटनाएं हुई थीं। ये घटनाएं बांग्लादेश से आईं उन खबरों के बाद हुई थीं, जिनमें कहा गया था कि ईशनिंदा के आरोपों के तहत दुर्गा पूजा के दौरान वहां हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमला किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Australia Women vs India Women, 2nd ODI Weather Update: होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला मुकाबले में मौसम बनेगा अहम फैक्टर या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मौसम का हाल

Australia Women vs India Women, 2nd ODI 2026 Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच दूसरा वनडे? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

India vs Zimbabwe, T20 World Cup 2026 48th Match Live Score Update: चेन्नई में भारत बनाम जिम्बाब्वे के बीच खेला जा रहा है अहम मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

India vs Zimbabwe, 48th Match Live Toss And Scorecard: चेन्नई में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

\