यात्रा के लिए वैध पास होने के बावजूद पृथक केन्द्रों में रखे जाने पर लोग आक्रोशित
इस कदम से ऐसे लोग क्षुब्ध हैं और उन्होंने पृथक केन्द्रों में भेजे जाने पर सवाल उठाया है। इन लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण कई औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उन्हें चिकित्सा आपात स्थिति या लॉकडाउन की औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अपनी ड्यटी करने के लिए बेहद असाधारण स्थितियों में ये पास दिये गये हैं।
जम्मू, नौ मई जम्मू और कश्मीर के बीच आवागमन के लिए वैध आधिकारिक पास होने के बावजूद कोरोना वायरस से निपटने के अपने प्रयासों के तहत जम्मू के बाहरी इलाके में सरकार द्वारा स्थापित प्रशासनिक पृथक केन्द्रों में सैकड़ों यात्रियों को रखा गया है।
इस कदम से ऐसे लोग क्षुब्ध हैं और उन्होंने पृथक केन्द्रों में भेजे जाने पर सवाल उठाया है। इन लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण कई औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उन्हें चिकित्सा आपात स्थिति या लॉकडाउन की औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अपनी ड्यटी करने के लिए बेहद असाधारण स्थितियों में ये पास दिये गये हैं।
जम्मू शहर से 15 किलोमीटर दूर नगरोटा में आबकारी एवं कराधान प्रशिक्षण संस्थान में इस तरह का एक पृथक केन्द्र स्थापित किया गया है जहां महिलाओं और सात वर्ष की एक बच्ची समेत 35 लोग हैं। ये लोग अपने नमूनों की जांच रिपोर्ट की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इनमें से कई लोगों को जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जाने की अनुमति दी जा सकती है। पंजाब में अमृतसर से चार श्रमिकों ने बिना अनुमति के एक ट्रक से श्रीनगर से जम्मू की यात्रा की थी और उन्हें गृह राज्य भेजे जाने का फैसला लिये जाने तक इंतजार करना होगा।
श्रीनगर से एक उत्तेजित सिख युवक ने कहा, ‘‘मुझे लगभग एक दिन की यात्रा के बाद नमूने लेने के बहाने चिकित्सा आपात स्थिति के तहत एक पास दिया गया और इस केंद्र पर भेज दिया गया है। अगर ऐसा ही होना था, तो उन्होंने पहली बार में एक पास के लिए मेरे अनुरोध पर ध्यान क्यों नहीं दिया। मुझे श्रीनगर से जम्मू की यात्रा के लिए पास देने से पहले जांच करनी चाहिए थी।’’
यात्रियों ने केन्द्र पर अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंता भी जाहिर की।
मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के एक निवासी तवसेफ अहमद मीर ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘मैंने बहुत एहतियात बरती है और दो महीने पहले लॉकडाउन लागू होने के बाद से सामान्य दिशानिर्देशों और चिकित्सा सलाह का पूरी तरह से पालन किया है। मैं केंद्र में आने के बाद से परेशान हूं क्योंकि आप यहां रह रहे अन्य लोगों के बारे में नहीं जानते हैं।’’
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