ताजा खबरें | दंड विधेयक चर्चा दो लोस

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि इसमें जिस प्रकार से नमूने एकत्र करने के प्रावधान किए गए हैं, उसको लेकर पर्याप्त सुरक्षा उपाए नहीं बनाए गए हैं ।

उन्होंने कहा कि इसमें जिस प्रकार से नमूने एकत्र करने के प्रावधान किए गए हैं, उसको लेकर पर्याप्त सुरक्षा उपाए नहीं बनाए गए हैं ।

मोइत्रा ने कहा कि हमें इस बात की आशंका है कि इसका दुरूपयोग किया जायेगा ।

वहीं, शिवसेना के विनायक राउत ने कहा कि यह मानवता और मौलिक के खिलाफ है, इस पर स्थायी समिति पर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से इस विधेयक के दुष्परिणामों की चिंता नहीं की गई है।

राउत ने कहा कि इस तरह का विधेयक इस सदन से पारित करना एक क्रूरता होगी।

चर्चा में हिस्सा लेते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मिथुन रेड्डी ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इस विधेयक से मामलों को जल्द हल करने में मदद मिलेगी और सरकार को संसाधनों की भी बचत होगी।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को यह आश्वस्त करना चाहिए कि इस विधेयक का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ प्रतिशोध की कार्रवाई में नहीं होगा।

बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब ने कहा कि इस सदन ने डेटा की निजता एवं सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। डेटा संग्रह की व्यवस्था डेटा संरक्षण कानून आने के बाद होनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि चिंता इस बात को लेकर है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और लोगों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की जरूरत होती है। इस विधेयक में इस संतुलन की कमी दिखाई देती है।

चर्चा में भाग लेते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने कहा कि विधेयक का राजनीतिक दुरुपयोग नहीं होना चाहिए तथा यह सुनिश्चित होना चाहिए कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाए।

उन्होंने कहा कि जब तक डेटा संरक्षण कानून होने तक डेटा का दुरुपयोग हो सकता है।

वहीं, बहुजन समाज पार्टी के दानिश अली ने कहा कि जो विधेयक लाया जा रहा है उसके परिणाम घातक होंगे।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आप इस देश को पुलिस स्टेट बनाना चाहते हैं?’’

अली ने कहा कि सरकार को इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा जाए।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह विधेयक इस बात की बेहतरीन मिसाल है कि कैसे कार्यपालिका को बहुत अधिक ताकत दी जा रही है, लेकिन विधायिका को शक्ति नहीं दी जा रही है। इसी तरह के कदमों से एक लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिनायकवादी हो जाती है।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा जाए ताकि इस पर आगे गहन विचार हो सके।

गोगोई ने कहा कि 2014 से इस सरकार के रिकॉर्ड को देखकर लगता है कि इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद इसका भी दुरुपयोग हो सकता है।

जारी हक

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