नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर में शांति लौट रही है। उन्होंने राज्य के लोगों से वहां की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए शांति की राह पर आगे बढ़ने का आग्रह किया।
लाल किले की प्राचीर से 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मणिपुर से नियमित रूप से शांति की खबरें आ रही हैं और केंद्र तथा राज्य सरकार वहां की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ सप्ताह पूर्वोत्तर में, विशेषकर मणिपुर में और हिन्दुस्तान के भी अन्य कुछ भागों में... लेकिन विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ...कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि देश मणिपुर के लोगों के साथ है।
मणिपुर में तीन मई से जारी जातीय हिंसा में 150 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ मणिपुर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से जो शांति बनाई रखी है, उस शांति के पर्व को देश आगे बढ़ाएं। शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर उन समस्याओं के समाधान के लिए भरपूर प्रयास कर रही है, करती रहेगी।’’
उन्होंने कहा कि वह जब देश की एकता की बात करते हैं उसका अर्थ यह होता है कि अगर घटना मणिपुर में होती है तो पीड़ा महाराष्ट्र में होती है और अगर बाढ़ असम में आती है तो बेचैन केरल हो जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हिन्दुस्तान के किसी भी हिस्से में कुछ भी हो, हम एक ही भाव की अनुभूति करते हैं। मेरे देश की बेटियों पर जुल्म न हो, ये हमारा सामाजिक दायित्व भी है, ये हमारा पारिवारिक दायित्व भी है और ये देश के नाते हम सबका दायित्व है।’’
केंद्र ने मणिपुर में हिंसा पर काबू पाने के प्रयासों के तहत अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है।
ब्रजेन्द्र
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