देश की खबरें | ‘पवार को एमवीए में शामिल होने की गलती का एहसास, राकांपा को बर्बादी से बचाने के लिए इस्तीफे का ढोंग’

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने महा विकास आघाडी (एमवीए) के साथ गठबंधन करने की अपनी ‘गलती’ का एहसास होने के बाद अपनी पार्टी को बर्बाद होने से बचाने के लिए इस्तीफे का नाटक रचा था और बाद में अपना त्याग पत्र वापस ले लिया।

लातूर (महाराष्ट्र), 10 मई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने महा विकास आघाडी (एमवीए) के साथ गठबंधन करने की अपनी ‘गलती’ का एहसास होने के बाद अपनी पार्टी को बर्बाद होने से बचाने के लिए इस्तीफे का नाटक रचा था और बाद में अपना त्याग पत्र वापस ले लिया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि पवार अपनी पार्टी का मूड भांपना चाहते थे क्योंकि उन्हें डर था कि राकांपा कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के बीच चल रहे संकट में ‘बर्बाद’ हो सकती है।

बावनकुले ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “शिवसेना और कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बाद, शरद पवार को एहसास हुआ कि वह एमवीए में शामिल होकर भटक गए थे क्योंकि तत्कालीन एमवीए सरकार का नेतृत्व करने वाले उद्धव ठाकरे में अपनी पार्टी चलाने के लिए सूझबूझ की कमी थी और 40 विधायक ठाकरे की पार्टी को छोड़ गए।”

भाजपा नेता दावा किया, “अपनी पार्टी को संभावित बर्बाी (टूट-फूट) से बचाने के लिए, पवार ने राकांपा प्रमुख के पद से इस्तीफा देने का नाटक रचा। बाद में उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया क्योंकि वह पार्टी का मूड भांपना चाहते थे।’’

उन्होंने दावा किया कि एमवीए का "वज्रमूठ" (लोहे की मुट्ठी) धीरे-धीरे खुल रहा है।

एमवीए के तीन घटक- शिवसेना (यूबीटी), राकांपा और कांग्रेस- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ सामूहिक मोर्चेबंदी के लिए महाराष्ट्र में "वज्रमुठ" नाम से रैलियां कर रहे हैं।

शरद पवार ने दो मई को मुंबई में एक समारोह में राकांपा प्रमुख का पद छोड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनसे आग्रह किया था कि वह अपने फैसले पर फिर से विचार करें।

हालांकि, तीन दिन बाद, पवार ने कहा कि वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की दलीलों के मद्देनजर इस्तीफा देने के अपने फैसले को वापस ले रहे हैं।

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