देश की खबरें | त्रिपुरा चुनाव जीतने के लिये चुनौतीपूर्ण लड़ाई का सामना करने को तैयार रहें पार्टी सदस्य :जरिता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सचिव जरिता लैतफलांग ने रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से वर्ष 2023 में त्रिपुरा में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिये ‘‘चुनौतीपूर्ण’’ लड़ाई का सामना करने के लिए खुद को तैयार करने की अपील की।
अगरतला, सात अगस्त अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सचिव जरिता लैतफलांग ने रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से वर्ष 2023 में त्रिपुरा में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिये ‘‘चुनौतीपूर्ण’’ लड़ाई का सामना करने के लिए खुद को तैयार करने की अपील की।
यहां कांग्रेस भवन के बाहर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जरिता ने कहा कि पार्टी सदस्य इस राह में आने वाले किसी भी संभावित दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इस बार, लड़ाई अलग होगी... पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को धमकी,भयभीत करने, हमलों और फर्जी मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है। हम दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और मौजूदा सरकार को पदच्युत करने की लड़ाई लड़ेंगे।’’
पार्टी ने दावा किया कि इस मौके पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस के करीब 2,500 कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव बापतू चक्रवर्ती भी पार्टी में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में त्रिपुरा के पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल राय, विधायक सुदीप रॉय बर्मन और त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमिटी (टीपीसीसी) के मीडिया प्रभारी आशीष साहा भी मौजूद रहे।
जरिता ने आश्वस्त किया कि इस निर्णायक लड़ाई के हर कदम पर सदस्यों और समर्थकों के साथ पार्टी नेतृत्व खड़ा रहेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि कांग्रेस के नेता पहले ही लोगों की पीड़ा से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश करने के दौरान कई स्थानों पर उत्पीड़न का सामना कर चुके हैं।
जरिता ने कहा, ‘‘ केंद्र सरकार माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के नाम पर लोगों को लूट रही है। सरकार महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर चुप है।’’
रॉय बर्मन ने दावा किया, ‘‘सत्तारूढ़ भाजपा अगले दो से तीन महीनों में ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो जाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के कई राज्य स्तर के नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं। हम केवल सत्तारूढ़ दल के ही नहीं, अन्य पार्टी के नेताओं का भी स्वागत करेंगे।’’
कांग्रेस विधायक ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसकी भाजपा के साथ गुप्त समझ है।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अचानक मुलाकात और उप राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेने के फैसले के पीछे की मंशा को समझते हैं।’’
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मुलाकात की थी। उनकी पार्टी ने इससे पहले उप राष्ट्रपति चुनाव में मतदान में हिस्सा नहीं लेने की घोषणा की थी।
रॉय बर्मन ने कहा, ‘‘ कांग्रेस के लिए तृणमूल कांग्रेस मुद्दा नहीं है, क्योंकि वह इस पूर्वोत्तर राज्य में साइन बोर्ड में सिमट कर रह जाएगी।’’
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