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कर्नाटक सरकार ने राज्य में आंशिक रूप से लॉकडाउन के नियमों में दी छूट

कर्नाटक सरकार ने गुरुवार से राज्य में आंशिक रूप से लॉकडाउन के नियमों में ढील दी है. सरकार ने आवश्यक न्यूनतम कर्मचारियों के साथ आईटी और आईटी आधारित सेवाओं और कुछ निश्चित प्रकार की निर्माण गतिविधियों, पैकेजिंग सामग्री के विनिर्माण, कूरियर सेवाओं समेत कुछ सेवाओं को काम करने की अनुमति दी है.

कर्नाटक सरकार ने राज्य में आंशिक रूप से लॉकडाउन के नियमों में दी छूट
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (Photo Credits: ANI)

बेंगलुरु, 23 अप्रैल: कर्नाटक (Karnataka) सरकार ने गुरुवार से राज्य में आंशिक रूप से लॉकडाउन के नियमों में ढील दी है. सरकार ने आवश्यक न्यूनतम कर्मचारियों के साथ आईटी और आईटी आधारित सेवाओं और कुछ निश्चित प्रकार की निर्माण गतिविधियों, पैकेजिंग सामग्री के विनिर्माण, कूरियर सेवाओं समेत कुछ सेवाओं को काम करने की अनुमति दी है. इन गतिविधियों की अनुमति कोविड-19 को लेकर सरकार द्वारा घोषित निरूद्ध क्षेत्रों में नहीं होगी.

लॉकडाउन में कुछ छूट मिलने के बाद आज सुबह शहर के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर वाहनों की आवाजाही देखी गई. देश भर में कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण की रोकथाम के लिये तीन मई तक लॉकडाउन (बंद) लागू है. पहले बंद की समय-सीमा 14 अप्रैल को समाप्त हो रही थी, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने इसे आगे बढ़ा दिया है.

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राज्य सरकार ने कहा, ‘‘आईटी तथा आईटी आधारित सेवाओं को सिर्फ न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की इजाजत होगी. शेष कर्मचारियों को घर से काम करना होगा.’’ राज्य के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ आईटी कंपनियों को 20 अप्रैल से परिचालन शुरू करने की घोषणा करने के कुछ ही देर बाद आम लोगों की भावना का हवाला देते हुए फैसले को 18 अप्रैल को वापस ले लिया था.

नये आदेश के अनुसार, स्थानीय इलाकों में इलेक्ट्रिशियन, आईटी मरम्मत, नलसाज (प्लंबर), वाहन मिस्त्री और बढ़ई जैसे स्वरोजगार संबंधी सेवाओं को भी ढील का लाभ दिया जाएगा. इनके अलावा चाय, कॉफी तथा रबर के बागानों को 50 प्रतिशत कामगारों के साथ खुलने की इजाजत दी गयी है. इन उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, बिक्री तथा विपणन से जुड़ी इकाइयां भी 50 प्रतिशत कार्यबल के साथ परिचालन शुरू कर सकती हैं.

राज्य के मुख्य सचिव टी. एम. विजय भास्कर ने बुधवार को एक आदेश में कहा, ‘‘लोगों के सामने आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिये कुछ अतिरिक्त सेवाओं को छूट दी जा रही है. यह 23 अप्रैल से प्रभावी है.’’ हालांकि इन सेवाओं का परिचालन शुरू करने से पहले जिला प्रशासन और बेंगलुरू शहर के मामले में बीबीएमपी यह सुनिश्चित करेगा कि कार्यालय, कार्य स्थल व प्रतिष्ठान में कमागारों के बीच आपसी दूरी समेत सुरक्षा के अन्य उपाय किये गये हैं.

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक की राज्य सरकार लॉकडाउन और कोरोना वायरस महामारी के कारण आर्थिक संकटों से जूझ रही है. इस कारण राज्य सरकार आर्थिक गतिविधियों को शुरू करना चाह रही है. आदेश में कहा गया कि आतिथ्य सत्कार (होटल, रेस्तरां) संबंधी सेवाएं, बार, मॉल, सिनेमा घर, शॉपिंग परिसर, धार्मिक स्थल आदि बंद रहेंगे. सार्वजनिक परिवहन भी तीन मई तक बंद रहेगा. आपातकालीन सेवाओं के लिये निजी वाहन निर्गत पास के आधार पर ही आवागमन कर सकेंगे.

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, बुनियादी संरचना तथा कृषि जैसी जरूरी सेवाओं को मिल रही छूट बरकरार रहेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, सिंचाई की परियोजनाओं, भवन निर्माण तथा एमएसएमई समेत सभी औद्योगिक परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को भी छूट के लाभ मिलेंगे. औद्योगिक एस्टेट के संदर्भ में छूट के लाभ सिर्फ तभी मिलेंगे, जब उन्हें कामगारों को बाहर से लाने के जरूरत नहीं होगी.

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 03:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).