देश की खबरें | मास्क, दस्ताने, फेस शिल्ड, सैनिटाइजर, चाय की छोटी थैलियों के साथ कोविड-19 से मुकाबले को तैयार संसद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 की छाया में 14 सितंबर से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान सांसदों, कर्मचारियों सहित करीब 4000 लोगों के लिये कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हजारों की संख्या में मास्क, दास्ताने, सैकड़ों सैनिटाइजर की बोतलें, चेहरे ढकने का आवरण या फेस शिल्ड सहित 18 दिनों के सत्र के लिये कई अन्य व्यवस्थाएं की गई है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 1 सितंबर कोविड-19 की छाया में 14 सितंबर से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान सांसदों, कर्मचारियों सहित करीब 4000 लोगों के लिये कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हजारों की संख्या में मास्क, दास्ताने, सैकड़ों सैनिटाइजर की बोतलें, चेहरे ढकने का आवरण या फेस शिल्ड सहित 18 दिनों के सत्र के लिये कई अन्य व्यवस्थाएं की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सम्पूर्ण संसद परिसर की समस समय पर साफ सफाई और कीटाणु मुक्त किया जायेगा, वहीं विभिन्न संसदीय कागजातों के अलावा जूता-चप्पल एवं सांसदों के कारों को भी कीटाणु मुक्त बनाने की व्यवस्था होगी ।

यह भी पढ़े | JEE- NEET Row 2020: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा- भारत के भविष्य से खिलवाड़ कर रही मोदी सरकार, नौकरियां दीजिए, खाली नारे नहीं.

परिसर में आने जाने वाले लोगों की जांच की, बिना छुए सुरक्षा स्कैनिंग की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही बिना छुए थर्मल स्कैनिंग भी की जायेगी ।

पहली बार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दो पालियों में आयोजित की जायेगी । सांसदों के लिये सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करते हुए बैठने की विशेष व्यवस्था होगी ।

यह भी पढ़े | UPSC CDS II 2019 Final Result 2019: यूपीएससी द्वारा आयोजित सीडीएस (II) के परिणाम घोषित, अधिकारिक वेबसाइट, upsc.gov.in पर चेक करें अपना रिजल्ट.

कोविड-19 महामारी को देखते हुए संसद परिसर को सुरक्षा जोन बनाना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापित एम वेंकैया नायडु ने कुछ ही दिनों पहले स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर, एम्स, गृह मंत्रालय आदि के अधिकारियों के साथ बैठक की थी ।

14 सितंबर से 1 अक्तूबर तक चलने वाले संसद सत्र के लिये तय मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत सांसदों और दोनों सचिवालय के कर्मचारियों तथा कार्यवाही को कवर करने वाले मीडिया कर्मियों को सत्र शुरू होने से 72 घंटे पहले कोविड-19 टेस्ट कराने को कहा जायेगा ।

अधिकारियों ने बताया कि सांसदों, कर्मचारियों, पत्रकारों सहित सहित करीब 4000 लोगों के लिये कोरोना वायरस टेस्ट कराने की व्यवस्था की गई है । केवल सांसदों और मंत्रियों को मुख्य भवन में प्रवेश की अनुमति होगी जबकि उनके निजी कर्मचारियों के लिये परिसर में अलग बैठने की व्यवस्था की जायेगी ।

सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए दोनों सदनों के सदस्यों के बैठने की नयी व्यवस्था तैयार की गई है। सांसदों को मास्क पहनते हुए और बैठकर आसन को संबोधित करने की इजाजत होगी ।

यह भी तय किया गया है कि एयरकंडिशनर से जुड़ी हवा की व्यवस्था में दिन में छह बार बदलाव किया जायेगा ताकि संभावित संक्रमण से बचा जा सके । डीआरडीओ सभी सांसदों को बहुआयामी कोविड-19 किट उपलब्ध करायेगा ।

प्रत्येक किट में 40 मास्क, पांच एन-95 मास्क , 50 मिलीलीटर के सैनिटाइजर के 20 बोतल, फेस शिल्ड, 40 जोड़ी दास्ताने, चाय की छोटी थैली, हर्बल सैनिटाइजर आदि होंगे ।

संसद के दोनों सदनों में कुल 780 सदस्य हैं । स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि चैम्बर में सांसदों की आवाजाही एक दिशा से हो ताकि आमने सामने के संवाद से बचा जा सके । मंत्रालय सभी सांसदों के लिये कोविड-19 संक्रमण और मास्क पहनने के फायदों से जुड़ा एक वीडियो उपलब्ध करायेगा।

संसद परिसर तथा संसद भवन में प्रवेश के समय थर्मल गन और थर्मल स्कैनर से तापमान की जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त संसद परिसर में सैनिटाइज़ेशन की व्यवस्था की जाएगी। 40 स्थानों पर टचलेस सैनेटाइजर लगाए जाएंगे तथा इमरजेंसी मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। पूरे परिसर में कोविड-19 से बचाव के दिशानिर्देशों को सख्ती से पालन किया जाएगा ।

मार्शल भी मास्क और फेस शिल्ड पहने रहेंगे ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\