देश की खबरें | संसद भवन का उद्घाटन: ध्यान अब उपराष्ट्रपति एन्क्लेव, नए पीएमओ, सामान्य केंद्रीय सचिवालय पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नए संसद भवन का उद्घाटन होने के बाद अब ध्यान उपराष्ट्रपति एन्क्लेव, सामान्य केंद्रीय सचिवालय भवनों, रक्षा एन्क्लेव, सांसदों के कक्ष और प्रधानमंत्री के नए आवास और कार्यालय के निर्माण पर केंद्रित हो गया है।

नयी दिल्ली, 28 मई नए संसद भवन का उद्घाटन होने के बाद अब ध्यान उपराष्ट्रपति एन्क्लेव, सामान्य केंद्रीय सचिवालय भवनों, रक्षा एन्क्लेव, सांसदों के कक्ष और प्रधानमंत्री के नए आवास और कार्यालय के निर्माण पर केंद्रित हो गया है।

नया संसद भवन दूसरी परियोजना है जो पूरी हो चुकी है। पहली परियोजना विजय चौक से इंडिया गेट तक फैले सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का पुनर्विकास था। जिस खंड को पहले राजपथ के नाम से जाना जाता था, उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है।

देश की शक्ति के केंद्र सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास की योजना में नया संसद भवन भी शामिल है जिसका रविवार को उद्घाटन किया गया। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) पुनर्विकास योजना के तहत परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है।

नए संसद भवन के निर्माण का टेंडर टाटा प्रोजेक्ट्स को सितंबर 2020 में 861 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से दिया गया था। बाद में, कुछ परिवर्तनों के कारण लागत में मामूली वृद्धि हुई।

अवसंरचना फर्म लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड 1,189 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), मंत्रिमंडल सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के एक्जीक्यूटवि एन्क्लेव का निर्माण कर रही है। कंपनी को पिछले साल नवंबर में टेंडर दिया गया था और यह परियोजना 24 महीने में पूरी होगी।

एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव साउथ ब्लॉक के दक्षिण की ओर बनेगा। इंडिया हाउस का उपयोग हैदराबाद हाउस की तरह एक सम्मेलन केंद्र के रूप में किया जाएगा जहां वर्तमान में विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं के साथ उच्चस्तरीय वार्ताएं आयोजित की जाती हैं।

लार्सन एंड टुब्रो सामान्य केंद्रीय सचिवालय के पहले तीन भवनों का निर्माण भी कर रही है। इसने अक्टूबर 2021 में 3,142 करोड़ रुपये की बोली लगाकर बोली जीती थी। सीपीडब्ल्यूडी ने इन भवनों को पूरा करने के लिए ढाई साल की समयसीमा तय की है।

सामान्य केंद्रीय सचिवालय के तहत, सरकार 10 भवनों का निर्माण करने की योजना बना रही है जिसमें मंत्रालय और अन्य कार्यालय होंगे। आवास मंत्रालय के मुताबिक, विभिन्न सरकारी कार्यालयों के किराए पर सालाना 1,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं और सामान्य केंद्रीय सचिवालय से इस राशि की बचत होगी।

शास्त्री भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन और रेल भवन उन अन्य इमारतों में शामिल हैं जिन्हें सामान्य केंद्रीय सचिवालय बनाने के लिए गिराए जाने की संभावना है।

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, जो लुटियंस दिल्ली में अपनी स्थापना के बाद से सरकारी प्राधिकरण का प्रतीक हैं, को राष्ट्रीय संग्रहालयों में परिवर्तित किया जाएगा। नॉर्थ और साउथ ब्लॉक भारत के इतिहास और स्वतंत्रता के इसके संघर्ष को प्रतिबिंबित करने की संभावना रखते हैं।

सरकार की योजना सांसदों के लिए कक्ष बनाने की भी है जो उस भूमि पर बनेंगे जहां परिवहन भवन और श्रम शक्ति भवन स्थित हैं।

सरकार कर्मियों और रक्षा प्रतिष्ठान के शीर्ष अधिकारियों के रहने के लिए एक बड़ा 'डिफेंस एन्क्लेव' भी स्थापित करेगी। एन्क्लेव के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए उपराष्ट्रपति के आवास और इसके आसपास की इमारतों को ध्वस्त किया जाएगा।

जून 2024 तक भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार के पास इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) की नई इमारत का निर्माण किया जाएगा। सेंट्रल कांफ्रेंस सेंटर दिसंबर 2026 तक बनाया जाना है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\