देश की खबरें | मुजफ्फरनगर में विवाद बढ़ने के बाद 'पंडित जी वैष्णो' ढाबा बंद, पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-देहरादून कांवड़ मार्ग पर (राष्ट्रीय राजमार्ग) स्थित पंडित जी वैष्णो ढाबा के मालिक ने विवाद बढ़ने के बाद इसे बृहस्पतिवार को बंद कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मुजफ्फरनगर, चार जुलाई उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-देहरादून कांवड़ मार्ग पर (राष्ट्रीय राजमार्ग) स्थित पंडित जी वैष्णो ढाबा के मालिक ने विवाद बढ़ने के बाद इसे बृहस्पतिवार को बंद कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इस बीच मामले में पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है।

जिले के नयी मंडी थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) दिनेश चंद्र ने बताया कि पुलिस ने ढाबा मालिक दीक्षा शर्मा, संचालक सनावर समेत पांच लोगों के खिलाफ ढाबा के पूर्व प्रबंधक धर्मेंद्र की पिटाई करने का मामला दर्ज किया है।

उन्‍होंने बताया कि ढाबे का मालिकाना हक दीक्षा शर्मा के पास है जबकि इसका संचालन मुस्लिम समाज का सनावर करता था। इसकी जानकारी बाहर के लोगों को देने के संदेह में धर्मेंद्र की पिटाई की गयी थी।

एसएचओ ने कहा कि मामले में नामजद किये गये सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।

पुलिस के अनुसार पंडित जी वैष्णो ढाबा को दीक्षा शर्मा ने पांच साल के अनुबंध पर सनावार को दिया था और वह ढाबे का संचालन कर रहा था।

इस बीच अपनी कथित पिटाई से आहत धर्मेंद्र ने स्वामी यशवीर महाराज से मुलाकात की और ढाबा का संचालन सनावर के द्वारा किये जाने और अपनी पिटाई की जानकारी दी। उसके बाद स्वामी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मामले में हस्तक्षेप किया, इससे विवाद बढ़ गया।

इसके पहले पुलिस ने बुधवार को बताया था कि पहले कांवड़ यात्रा मार्ग पर भोजनालय मालिक की पहचान के अनधिकृत सत्यापन से जुड़ी एक घटना को लेकर स्वामी यशवीर महाराज से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को तलब किया था।

एसएचओ ने बताया कि जिला प्रशासन की अनुमति के बिना जांच करने में कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए स्‍वामी के छह कार्यकर्ताओं को तीन दिनों के भीतर पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।

यह कदम मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो के सामने आने के बाद उठाया गया, जिसमें कुछ व्यक्ति ढाबा कर्मचारियों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। कांवड़ यात्रा हिंदू माह श्रावण के दौरान एक वार्षिक तीर्थयात्रा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं।

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