देश की खबरें | परिसीमित जालुकबारी सीट पर पंचायत चुनाव 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मेरे लिए परीक्षा : हिमंत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले परिसीमित जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र में पंचायत चुनाव उनके लिए एक अग्निपरीक्षा है। इस सीट का उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया है।
गुवाहाटी, तीन मई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले परिसीमित जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र में पंचायत चुनाव उनके लिए एक अग्निपरीक्षा है। इस सीट का उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया है।
भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पक्ष में उन्होंने सात मई को होने वाले पंचायत चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए लगातार चार चुनावी रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने पुनर्निर्धारित जालुकबारी विधानसभा सीट के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया ।
शर्मा ने गोरोल में एक रैली में कहा, ‘‘यह पंचायत चुनाव मेरे लिए एक परीक्षा की तरह है। मैट्रिक परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए हम जो चयन परीक्षा देते हैं, उसके समान। अगर मैं यह परीक्षा पास कर लेता हूं, तभी मुझे अगले साल के फाइनल (विधानसभा चुनाव) के लिए जालुकबारी से पार्टी का टिकट मिलेगा।’’
जालुकबारी पहले गुवाहाटी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था।
अपने चुनावी सफर की शुरुआत को याद करते हुए शर्मा ने कहा कि वह 1997 में 27 साल की उम्र में जालुकबारी में चुनाव में जीतने में वह विफल रहे थे। उन्होंने कहा कि वह 2001 में पहली बार 12,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल करने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि अंतर लगातार बढ़ता रहा है और 2021 के विधानसभा चुनाव में यह 1.04 लाख था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के साथ उनका जुड़ाव ही उनकी सफलता का कारण है और उन्होंने नये जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भी इसे दोहराने का वादा किया।
राज्य में परिसीमन की प्रक्रिया 2023 में की गयी। पिछले साल का संसदीय चुनाव नए निर्वाचन क्षेत्रों के साथ पहला चुनाव था।
शर्मा ने पिछली कांग्रेस सरकारों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह लोगों के कल्याण के लिए काम करने में विफल रहीं और उनके नेता अपनी जेबें भरने में व्यस्त थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पुरानी पार्टी के पास लोगों को देने के लिए केवल पांच चीजें हैं, ‘लुंगी, धोती, सूता (धागा), कोम्बोल (कंबल) और 'अथुवा' (मच्छरदानी)’, जबकि इसके विपरीत भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार अपनी कई योजनाओं के साथ जनता को सशक्त बना रही है और उनका उत्थान कर रही है।
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