पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय को 290 आतंकवादियों को रिहा करने से रोका

पेशावर उच्च न्यायालय की एक पीठ 2014 के पेशावर स्कूल हमले में दोषी ठहराए गए 290 आतंकवादियों और उनके मददगारों की अपील पर विचार कर रही है, जो उन्होंने सैन्य अदालतों द्वारा सुनाई गई अपनी सजा के खिलाफ दायर की है।

इस्लामाबाद, 13 मई पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने सैन्य अदालतों से दोषी ठहराए गए लगभग 300 आतंकवादियों और उनके मददगारों को जमानत पर रिहा करने से बुधवार को एक उच्च न्यायालय को रोक दिया।

पेशावर उच्च न्यायालय की एक पीठ 2014 के पेशावर स्कूल हमले में दोषी ठहराए गए 290 आतंकवादियों और उनके मददगारों की अपील पर विचार कर रही है, जो उन्होंने सैन्य अदालतों द्वारा सुनाई गई अपनी सजा के खिलाफ दायर की है।

पाकिस्तान की संघीय सरकार ने उच्च न्यायालय से मामले में बड़ी पीठ के गठन का आग्रह किया था, लेकिन मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ ने आग्रह को खारिज कर दिया।

संघीय सरकार इस मामले को उच्चतम न्यायालय ले गई, जहां न्यायाधीश मुशीर आलम और काजी अमीन की पीठ ने मामले तथा उच्च न्यायालय को दोषियों को जमानत पर रिहा करने से रोकने के आग्रह वाली याचिका पर सुनवाई की।

अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद ने दलील दी कि 290 दोषियों को जमानत पर रिहा करने का उच्च न्यायालय का कोई भी फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ी क्षति पहुंचाएगा।

पीठ ने जमानत के खिलाफ याचिका को स्वीकार कर लिया और पेशावर उच्च न्यायालय को मामले में गुण-दोष के आधार पर आगे बढ़ने का निर्देश दिया। इसने सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

उच्चतम न्यायालय सैन्य अदालतों से दोषी ठहराए गए 70 से अधिक अन्य लोगों की दोषसिद्धि को निरस्त किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य अपील पर भी सुनवाई कर रहा है।

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