देश की खबरें | अत्यधिक मछली पकड़ने, अधिवास में क्षरण से दक्षिण अटलांटिक में समुद्री जीवों की संख्या में गिरावट
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नयी दिल्ली, 27 मई अत्यधिक मछली पकड़ने और प्राकृतिक अधिवास में क्षरण की वजह से दक्षिण अटलांटिक महासागर के समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में अत्यधिक गिरावट आयी है।
यह बात एक नये शोध से सामने आयी है, जिससे यह भी पता चला कि एक समय बेहद संपन्न रहे इस समुद्री क्षेत्र पर मनुष्य का कितना प्रभाव पड़ा है।
यह शोध ब्राजील के कई स्थलों से मछली के अवशेषों के पुरातात्विक विश्लेषण पर आधारित है।
जर्मनी और ब्राजील में विश्वविद्यालयों के सहयोग से यूनिवर्सिटी ऑटोनोमा डी बार्सिलोना (यूएबी), स्पेन के नेतृत्व में किये गए अध्ययन के अनुसार, अतीत से मछली की प्रजातियों के पुरातात्विक अवशेषों की वर्तमान समय की मछलियों की संख्या के साथ तुलना के बाद, परिणामों में कई प्रजातियों, विशेष रूप से शार्क आदि मछलियों की प्रजातियों में उल्लेखनीय कमी देखी गई। यह कमी संभवतः बढ़ते मानव प्रभावों से जुड़ी है, जैसे कि हाल के दशकों में अत्यधिक मछली पकड़ना और अधिवास का क्षरण।
यह अध्ययन पत्रिका ‘पीएलओएस वन’ में प्रकाशित हुआ है।
हजारों वर्षों से ब्राजील के दक्षिणी तट पर रहने वाले वहां के मूल समुदायों ने विविध प्रकार की मछलियों से भरपूर और विविध समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों का आनंद उठाया जिसने अतीत में उनकी खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
अध्ययन में कहा गया है कि इसने यहां की आबादी को मछली पकड़ने की सरल तकनीक के साथ समुद्री जीवन के दोहन की अनुमति दी।
अध्ययन के प्रमुख लेखक एवं यूएबी के शोधकर्ता थियागो फॉसिल ने ब्राजील में जलीय जीवों पर बढ़ते मानवजनित दबावों पर ध्यान केंद्रित किया है। ब्राजील को अद्भुत समुद्री तटों और विविध वन्य जीवन के लिए जाना जाता है।
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