देश की खबरें | हमारे सुझावों को नजरअंदाज किया गया, चर्चा के लिए सभी दलों को आमंत्रित करे निर्वाचन आयोग : कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने कोरोना वायरस संकट के समय देश में चुनावों एवं उप चुनावों के संदर्भ में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशानिर्देशों पर सवाल खड़े करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि उसकी ओर से रखे सुझावों को आयोग ने नजरअंदाज कर दिया और मौजूदा दिशानिर्देशों से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने का मकसद पूरा नहीं होगा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 अगस्त कांग्रेस ने कोरोना वायरस संकट के समय देश में चुनावों एवं उप चुनावों के संदर्भ में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशानिर्देशों पर सवाल खड़े करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि उसकी ओर से रखे सुझावों को आयोग ने नजरअंदाज कर दिया और मौजूदा दिशानिर्देशों से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने का मकसद पूरा नहीं होगा।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि इस मामले पर विस्तृत रूप से चर्चा के लिए आयोग को सभी राजनीतिक दलों की आमंत्रित करना चाहिए।

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उन्होंने एक बयान में दावा किया कि निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों से ‘निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने और सत्तारूढ़ पक्ष को अनुचित लाभ दिए बिना ‘निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराने के उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी।

वेणुगोपाल ने कहा कि निष्पक्ष और पक्षपात के बिना चुनाव कराने की संवैधानिक बाध्यता के संदर्भ में ये दिशानिर्देश सिद्धांतों की कसौटी पर खरा नहीं उतरते।

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उनके मुताबिक, साधारण सवाल यह है कि अगर हमारे लोकतंत्र की एक बुनियाद, चुनाव को निष्पक्ष ढंग से नहीं कराया जा सकता तो फिर मताधिकार एवं बहुमत के जनादेश को प्रभावी ढंग से कैसे बरकरार रखा जा सकेगा?

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे जाने और फिर इनकी तरफ से विस्तृत सुझाव दिए जाने के बावजूद निर्वाचन आयोग ने तकरीबन सभी सुझावों को नजरअंदाज कर दिया और ऐसे दिशानिर्देश तैयार कर दिए जो कोविड-19 की चुनौती से निपटने के संदर्भ में उपयुक्त नहीं हैं।’’

वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने आग्रह किया था कि ईवीएम से संक्रमण के प्रसार की आशंका को देखते हुए इसके इस्तेमाल से बचा जा सकता है और मत पत्र के इस्तेमाल से इस चिंता से जरूर बचा जा सकता है। आयोग इस चिंता का निदान करने में पूरी तरफ विफल रहा।’’

उन्होंने यह दावा भी किया कि दिशानिर्देशों के संदर्भ में ग्रामीण और शहरी इलाकों में कोई फर्क नहीं किया गया।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम आयोग से आग्रह करते हैं कि वह कांग्रेस की ओर से की गई सिफारिशों पर पुनर्विचार करे और इन मुद्दों पर पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से समग्र चर्चा के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित करे।।’’

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान चुनाव कराने को लेकर शुक्रवार को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी व्यापक दिशानिर्देशों के अनुसार ईवीएम का बटन दबाने के लिये मतदाताओं को दस्ताने दिये जाएंगे और पृथकवास केंद्रों में रह रहे कोविड-19 मरीजों को मतदान के दिन आखिरी घंटों में मतदान करने दिया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने कहा कि “निषिद्ध क्षेत्र” के तौर पर अधिसूचित इलाकों में रह रहे मतदाताओं के लिये अलग दिशानिर्देश जारी किये जाएंगे।

आयोग ने कहा कि दिव्यांग और 80 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं को डाक मत का विकल्प भी दिया जाएगा।

हक

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