देश की खबरें | पथरी के ऑपरेशन के दौरान किडनी निकाल देने पर अस्पताल को 11 लाख रु मुआवजा देने का आदेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अहमदाबाद की एक उपभोक्ता अदालत ने एक अस्पताल को एक मरीज के परिवार को ब्याज सहित मुआवजे के रूप में 11.23 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। उस अस्पताल में एक डॉक्टर ने किडनी में पथरी का ऑपरेशन करने के बदले मरीज की किडनी ही निकाल दी थी जिससे उस मरीज की तुरंत ही मौत हो गयी थी।
अहमदाबाद, 19 अक्टूबर अहमदाबाद की एक उपभोक्ता अदालत ने एक अस्पताल को एक मरीज के परिवार को ब्याज सहित मुआवजे के रूप में 11.23 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। उस अस्पताल में एक डॉक्टर ने किडनी में पथरी का ऑपरेशन करने के बदले मरीज की किडनी ही निकाल दी थी जिससे उस मरीज की तुरंत ही मौत हो गयी थी।
उपभोक्ता अदालत ने गुजरात के महिसागर जिले के बालासिनोर में एक धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित केएमजी जनरल अस्पताल को "अपने कर्मचारियों के लापरवाहीपूर्ण कार्य के लिए नियोक्ता की जिम्मेदारी" के जरिए "चिकित्सा में लापरवाही" का दोषी ठहराया।
अहमदाबाद में गुजरात उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पीठासीन सदस्य डॉ जेजी मेकवान द्वारा हाल ही में पारित एक आदेश में कहा गया है, ‘‘कोई नियोक्ता न केवल अपनी चूक के लिए बल्कि अपने कर्मचारियों की लापरवाही के लिए भी जिम्मेदार है...।’’
आयोग ने अस्पताल को शिकायतकर्ता को शिकायत दर्ज कराए जाने की तारीख से 7.5 प्रतिशत ब्याज के साथ 11.23 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।। इसके साथ ही मानसिक पीड़ा और कानूनी खर्च के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करने को कहा गया।
अदालत का यह आदेश यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा दायर एक याचिका पर आया जिसमें मृतक मरीज देवेंद्र रावल के कानूनी वारिसों की शिकायत पर अगस्त, 2012 में जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती दी गयी थी।
जिला आयोग ने 2012 के अपने आदेश में डॉक्टर, अस्पताल और बीमा कंपनी को ब्याज सहित 11.23 लाख रुपये का मुआवजा शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया था।
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