ताजा खबरें | विपक्ष ने सरकार को कोरोना के मुद्दे पर घेरा, बूस्टर खुराक पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कोविड-19 महामारी से निपटने को लेकर नरेंद्र मोदी नीत राजग सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्ष ने टीके के आवंटन में भाजपा शासित राज्यों का पक्ष लेने का आरोप लगाया तथा केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब से टीके लगने शुरू होंगे एवं कोविड टीके की बूस्टर या तीसरी खुराक पर सरकार की क्या नीति है ?

नयी दिल्ली, दो दिसंबर कोविड-19 महामारी से निपटने को लेकर नरेंद्र मोदी नीत राजग सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्ष ने टीके के आवंटन में भाजपा शासित राज्यों का पक्ष लेने का आरोप लगाया तथा केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब से टीके लगने शुरू होंगे एवं कोविड टीके की बूस्टर या तीसरी खुराक पर सरकार की क्या नीति है ?

लोकसभा में नियम 193 के तहत ‘कोविड से उत्पन्न स्थिति’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने सरकार को घेरते हुए कहा कि कोविड महामारी के कारण कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों का संपूर्ण एवं वास्तविक आंकड़ा बताया जाए और उन्हें पर्याप्त मुआवजा देने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों से महामारी के दौरान देश में भुखमरी से मृत्यु का एक भी मामला सामने नहीं आया तथा देश में कोविड रोधी टीका लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया है और अमेरिका से दोगुना टीकाकरण हो चुका है जिसकी संयुक्त राष्ट्र समेत विश्व मंचों पर प्रशंसा हो रही है।

निचले सदन में चर्चा की शुरूआत करते हुए शिवसेना के विनायक राउत ने कहा कि केंद्र सरकार ने महामारी के दौरान राज्यों को आवश्यकतानुसार वेंटिलेटर और पीएसए संयंत्र प्रदान करने का आश्वासन दिया लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पीएम केयर्स निधि के तहत दिये गये 60 प्रतिशत से अधिक वेंटिलेटर काम नहीं आए।

उन्होंने कहा कि ऐसे ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ता एजेंसियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए ।

राउत ने कोविड के दौर में उद्योगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ी मार का जिक्र करते हुए कहा कि जो करोड़ों लोग बेरोजगार हुए हैं, उनके लिए सरकार क्या करना चाहती है? बताना चाहिए।

चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के गौरव गोगोई ने सरकार पर कोविड महामारी से निपटने के कार्य को जरूरी प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाया और यह स्पष्ट करने की मांग की कि महामारी के दौरान कितने लोगों की मौत हुई, कितने परिवारों की मदद की गई ।

उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब से टीके लगने शुरू होंगे, साथ ही कोविड टीके की बूस्टर या तीसरी खुराक को लेकर उसकी क्या नीति है ?

गोगोई ने कहा कि ऐसे समय में जब सरकार को लोगों से सतर्क रहने की गुजारिश करनी चाहिए, उस समय सरकार के लोग प्रधानमंत्री की तारीफ करने में लगे हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आज बेरोजगार बढ़ गया है, व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है, लोगों की आमदनी घटी लेकिन महामारी के बाद सरकार ने ईंधन एवं अन्य चीजों की कीमतों को बढ़ाने का काम किया।

कोविड महामारी पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य रतन लाल कटारिया ने कहा कि देश में कोविड रोधी टीका लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया है और अमेरिका से दोगुना टीकाकरण हो चुका है जिसकी संयुक्त राष्ट्र समेत विश्व मंचों पर प्रशंसा हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हम देख रहे हैं कि हमारे पास 15 हजार से भी ज्यादा विशेष अस्पताल कोविड प्रबंधन के लिए सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। 75 हजार आईसीयू बिस्तर और 14 लाख पृथकवास बिस्तर हैं। जांच, निगरानी और उपचार का काम तेजी से चल रहा है।’’

कटारिया ने कहा कि महामारी के समय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा लेकिन आज भारत सबसे तेज गति से चलने वाली अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद देश में न केवल संक्रमण से लोगों को बचाया गया बल्कि अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाने का काम किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज कोरोना महामारी के समय कोविड से मृत्यु के मामले जरूर आए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रबंधन के कारण भुखमरी से कोई नहीं मरा।’’

जारी दीपक हक वैभव

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\