देश की खबरें | विपक्षी सांसदों ने न्याय प्रणाली में बदलाव से जुड़े विधेयकों पर विचार करने वाली समिति के अध्यक्ष के समक्ष चिंता जताई

नयी दिल्ली, 12 सितंबर विपक्षी सांसदों ने भारतीय न्याय प्रणाली पर दूरगामी प्रभाव डालने वाले तीन विधेयकों–‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’, ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023’ और ‘भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023’ पर विचार करने वाली संसद की समिति के अध्यक्ष के समक्ष कार्यवाही संचालन के तौर तरीकों को लेकर मंगलवार को असंतोष व्यक्त किया।

सूत्रों के अनुसार, समिति के समक्ष प्रस्तुति देने वाले विषय विशेषज्ञों की पसंद को लेकर भी कुछ सदस्यों ने अपनी चिंता व्यक्त की। इन सांसदों ने यह भी दावा किया कि बैठक के कार्यवृत (मिनट्स) ठीक ढंग से दर्ज नहीं किए गए।

इस संबंध में एक सूत्र ने बताया कि विपक्षी सांसदों ने इन विधेयकों पर विचार करने वाली गृह संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष बृजलाल से यह शिकायत की कि उन्हें अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

समझा जाता है कि समिति के सदस्य एवं विपक्ष के एक सांसद ने समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। सांसद ने अपने पत्र में लिखा कि सदस्यों को अपनी बात रखने के लिए कई बार मौका दिया जाना चाहिए और पहली तीन बैठकों में ऐसा नहीं हुआ।

गृह संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सीबीआई के पूर्व निदेशक प्रवीण सिन्हा, विधि कार्य विभाग की संयुक्त सचिव डा. पद्मिनी सिंह और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की अधिकारी अनुपमा निलेकर चंद्रा ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इन विशेषज्ञों ने उक्त तीनों विधेयकों पर प्रस्तुति दी और समिति के सदस्यों ने कुछ विषयों को समझने के लिए उनसे सवाल भी पूछे।

भाजपा सांसद बृजलाल गृह संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। मंगलवार को हुई समिति की बैठक में पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. विक्रम सिंह, गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक केशव कुमार तथा गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नवीन चौधरी प्रस्तुति दी। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा को भी उपस्थित होना था लेकिन वह नहीं आए।

समिति की 13 सितंबर को होने वाली बैठक में भी कुछ विषय विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इस विषय पर स्थायी समिति की पिछली बैठकें 24, 25 और 26 अगस्त को हुई थीं। पिछली बैठकों में प्रस्तावित कानून के विभिन्न आयामों को लेकर गृह सचिव अजय भल्ला ने विस्तृत प्रस्तुति दी थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)