देश की खबरें | विपक्षी गठबंधन ‘ इंडिया’ को देश के समक्ष उचित एजेंडा रखना चाहिए: शिवेसना (यूबीटी)

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने अगर देश के सामने उचित तरीके से अपना एजेंडा नहीं रखा तो उसकी कोशिशें बेकार हो जाएंगी।

मुंबई, दो सितंबर शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने अगर देश के सामने उचित तरीके से अपना एजेंडा नहीं रखा तो उसकी कोशिशें बेकार हो जाएंगी।

पार्टी की यह टिप्पणी अगले लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एकजुट तरीके से मुकाबला करने के लिए गठित विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ की मुंबई में संपन्न हुई बैठक के एक दिन बाद आई है।

उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि सभी राज्यों में सीट बंटवारे के मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान होना चाहिए।

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने शुक्रवार को 2024 के लोकसभा चुनाव को ‘‘जहां तक संभव हो’’ एक साथ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। इसने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि राज्यों में सीट-बंटवारे की व्यवस्था ‘‘देने और लेने की सहयोगात्मक भावना’’ के साथ यथाशीघ्र संपन्न की जाएगी।

‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूशिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक 28 दलों के कुल 63 प्रतिनिधियों ने मुंबई के ग्रैंड हयात होटल में हुई बैठक में हिस्सा लिया।

संपादकीय में कहा गया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का राज्य में वामदलों के साथ मतभेद है लेकिन दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में हिस्सा लिया।

‘सामना’ में लिखा गया कि केरल में भी इसी तरह कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) प्रतिद्वंद्वी हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली और पंजाब में बातचीत करने को तैयार है जबकि महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी (एमवीए) के घटकों के बीच कोई मतभेद नहीं है। एमवीए में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं जिन्होंने ‘इंडिया’ की दो दिवसीय बैठक की मेजबानी की।

समन्वय के प्रयासों को रेखांकित करते हुए संपादकीय में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती नीत पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और फारूक अब्दुल्ला नीत नेशनल कॉन्फ्रेंस भी एक साथ आए हैं।

संपादकीय में कहा गया, ‘‘इन धागों (दलों) को न टूटने वालो रेशों से बुना गया है लेकिन उचित एजेंडा जनता के सामने नहीं रखने की स्थिति में ये तमाम कोशिशें बेकार हो जाएंगी।’’

इसमें कहा गया कि अगर ‘‘तानाशाह’’ से लड़ना है तो सभी 28 दलों को मुक्त संवाद करना होगा।

शिवसेना (यूबीटी) ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र आहूत करने को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। पार्टी के मुताबिक, सत्र का समय और महाराष्ट्र के लोकप्रिय त्योहार गणेश उत्सव का समय एक ही है।

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