विदेश की खबरें | इजराइल के जमीनी आक्रमण की आशंका के बीच गाजा पट्टी में 10 लाख लोग घर छोड़कर भागे
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सहायता समूहों ने चेतावनी दी है कि इजराइल के जमीनी हमले से मानवीय संकट बढ़ सकता है।

अमेरिकी युद्धपोतों की मदद से इजराइली बल गाजा सीमा पर तैनात हो गए हैं और उन्होंने युद्धाभ्यास किया जिसे इजराइल ने बताया कि यह आतंकवादी समूह को मटियामेट करने के लिए एक बड़ा अभियान होगा। एक सप्ताह से लगातार किए जा रहे हवाई हमलों से गाजा पट्टी में कई इमारतें जमींदोज हो गयी हैं लेकिन इससे इजराइल पर आतंकवादियों के रॉकेट हमले नहीं रुके हैं।

सात अक्टूबर को शुरू हुआ यह युद्ध दोनों पक्षों के लिए गाजा के पांच युद्धों में से सबसे भीषण है जिसमें दोनों ओर के 4,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2,750 फलस्तीनियों की मौत हो गयी है तथा 9,700 घायल हैं। इजराइल के अनुसार, उसके 1,400 से अधिक नागरिकों की मौत हो गयी है तथा बच्चों समेत कम से कम 199 अन्य नागरिकों को हमास ने बंधक बनाया है तथा उन्हें गाजा ले गया है।

अभी गाजा में संयुक्त राष्ट्र के शिविरों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गयी है और क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल में काम कर रहे चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने में भारी समस्याएं आ रही हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि जेनरेटरों में ईंधन खत्म होने के बाद इन मरीजों की मौत हो जाएगी।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन आने वाले दिनों में इजराइल यात्रा पर विचार कर रहे हैं लेकिन अभी यात्रा की कोई पुष्टि नहीं की गयी है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजराइल के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के लिए एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार इजराइल पहुंचे हैं।

वहीं, रोमन कैथोलिक चर्च के यरुशलम में शीर्ष प्रतिनिधि कार्डिनल पिएरबटिस्टा पिज्जाबाला ने कहा कि वह हमास द्वारा बंधक बनाए गए बच्चों की रिहाई के बदले में उन्हें बंधक बनाने की पेशकश करते हैं।

उन्होंने कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया बल्कि एक पत्रकार के काल्पनिक सवाल पर यह प्रतिक्रिया दी।

फ्रांस ने कहा है कि गाजा निवासियों को वहां से जाने की अनुमति दी जानी चाहिए और उन्होंने हमास पर उन्हें ऐसा करने से रोकने का आरोप लगाया। फ्रांस ने साथ ही कहा कि वह चाहता है कि मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए गाजा की नाकेबंदी में ढील दी जाए।

इस बीच, लेबनान में हमास के प्रतिनिधि अहमद अब्दुल-हादी ने सोमवार को कहा कि दक्षिण इजराइल में सात अक्टूबर को किए गए हमले का फैसला हमास नेतृत्व का था तथा ईरान या किसी अन्य बाहरी पक्ष ने इसका निर्देश नहीं दिया था लेकिन उसने कहा कि गाजा पर जमीनी आक्रमण की स्थिति में सहयोगी समूह हस्तक्षेप करेंगे।

हमास नेतृत्व ने इस बात से इनकार किया है कि ईरान घातक हमले की योजना या इसे हरी झंडी दिखाने में प्रत्यक्ष रूप से शामिल था।

अब्दुल हादी ने कहा कि हमास समर्थक ईरान और हिजबुल्ला इजराइल को ‘‘गाजा को कुचलने’’ या ‘‘व्यापक जमीनी हमला’’ नहीं करने देंगे।

सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद ने रूस के अपने समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ गाजा में संवेदनशील स्थिति और इजराइल के हमलों को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की।

असद के कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि असद और पुतिन ने गाजा में मदद पहुंचाने की अनुमति देने और फलस्तीनियों पर इजराइल की बमबारी तथा उनके विस्थापन को रोकने का आह्वान किया।

लेबनानी सेना ने कहा कि तलाश अभियान में लेबनान-इजराइल सीमा के समीप 20 रॉकेट लॉन्चर मिले हैं।

उसने एक बयान में कहा कि चार लॉन्चर में रॉकेट थे और वे दागे जाने के लिए तैयार थे। उसने बताया कि सैन्य विशेषज्ञ इन लॉन्चर को निष्क्रिय करने पर काम कर रहे हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि अगर इजराइल गाजा पट्टी पर हवाई हमले रोक देता है तो हमास करीब 200 बंधकों को रिहा करने के लिए संभवत: तैयार है।

ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इजराइल आने वाले दिनों में गाजा पट्टी में व्यापक जमीनी अभियान चलाता है तो वह युद्ध में प्रवेश कर सकता है। ईरान द्वारा समर्थित लेबनानी शिया मिलिशिया समूह हिजबुल्ला ने इजराइल में मिसाइल हमले किए है। हालांकि, उसने कहा कि यह इजराइल के लिए एक ‘‘चेतावनी’’ है।

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