देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के निर्देश पर 48 अधिकारियों का तबादला किया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) के 48 अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति के आदेश दिए। इस कदम से केंद्र शासित प्रदेश में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेतृत्व वाली सरकार में हलचल पैदा हो सकती है।
जम्मू, तीन अप्रैल जम्मू-कश्मीर में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) के 48 अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति के आदेश दिए। इस कदम से केंद्र शासित प्रदेश में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेतृत्व वाली सरकार में हलचल पैदा हो सकती है।
नौकरशाही पर पूर्ण नियंत्रण के प्रयास के रूप में देखे जा रहे इस कदम के तहत उपराज्यपाल ने 14 अतिरिक्त उपायुक्त और 26 सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट समेत जेकेएएस के 48 अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया।
उपराज्यपाल ने पुलवामा, कुपवाड़ा, बसोहली, डोडा, अनंतनाग, सुंदरबनी, राजौरी, नौशेरा, बारामूला, श्रीनगर, गांदरबल, कठुआ, भद्रवाह और हंदवाड़ा में अतिरिक्त उपायुक्तों के तबादले और नियुक्ति के आदेश दिए।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा मंगलवार को जारी आदेश ऐसे समय में दिया गया है जब निर्वाचित सरकार लगभग एक माह पहले बनाई गई कार्य नियमावली के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार कर रही थी। इस नियमावली को बिना किसी गतिरोध के सुचारू संचालन के लिए उपराज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजा था।
जम्मू-कश्मीर में बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनावों से पहले पिछले साल, गृह मंत्रालय ने जुलाई में ‘‘कार्य संचालन नियमों’’ में संशोधन किया था, जिसमें पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था, आईएएस और आईपीएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं और अभियोजन मंजूरी देने से संबंधित मामलों में उपराज्यपाल की शक्तियों को बढ़ाया गया था।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने छह मार्च को विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा था, ‘‘जब तक हमें पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता, स्पष्टता के लिए कार्य नियमावली स्थापित करना आवश्यक है। इसमें कुछ समय लगा, लेकिन कल (पांच मार्च) रात आठ बजे हमने कैबिनेट की बैठक बुलाई और नियमावली को अंतिम रूप दिया। उन्हें कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।’’
उन्होंने यह भी कहा था कि नियमों को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा गया है और ‘‘हमें उम्मीद है कि उन्हें मंजूरी मिल जाएगी।’’
अब्दुल्ला ने पहले केंद्र शासित प्रदेश में दोहरे शासन मॉडल की खुले तौर पर आलोचना की थी इसे ‘‘विनाशकारी’’ बताया था।
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