नयी दिल्ली, 20 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राजीव चंद्रशेखर की उस याचिका पर शशि थरूर का जवाब मांगा है जिसमें भाजपा नेता ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ अपनी मानहानि की शिकायत खारिज किये जाने को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा ने मजिस्ट्रेट अदालत के चार फरवरी के फैसले को चुनौती देने वाली चंद्रशेखर की पुनरीक्षण याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि ‘‘इस मामले पर विचार करने की आवश्यकता है।’’
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि थरूर ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर "झूठे" और ‘‘अपमानजनक’’ बयान देकर उन्हें बदनाम किया कि भाजपा नेता ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान तिरुवनंतपुरम निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को "रिश्वत" दी।
चंद्रशेखर के अनुसार थरूर ने ये आरोप "उनकी प्रतिष्ठा को कम करने और पिछले आम चुनावों के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से लगाए थे, जबकि उन्हें अच्छी तरह से पता था कि ये बयान झूठे थे।’’
सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि निचली अदालत ने सबूतों को नजरअंदाज कर यह फैसला सुनाया कि मानहानि का कोई मामला नहीं बनता।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने चार फरवरी को थरूर को तलब करने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया शिकायत में ‘‘मानहानि की कोई बात’’ नहीं पाई गई।
मामले में अगली सुनवाई 16 सितंबर को की जाएगी।
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