देश की खबरें | नेताजी की जयंती पर पीएम मोदी ने युवाओं से ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ने का दिया सुझाव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर युवाओं से बातचीत की और इस दौरान उन्हें ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ने की सलाह दी ताकि वे उन चुनौतियों के बारे में जान सकें जिनका उन्होंने सामना किया और कैसे उन पर विजय प्राप्त की।

नयी दिल्ली, 23 जनवरी, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर युवाओं से बातचीत की और इस दौरान उन्हें ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ने की सलाह दी ताकि वे उन चुनौतियों के बारे में जान सकें जिनका उन्होंने सामना किया और कैसे उन पर विजय प्राप्त की।

प्रधानमंत्री ने संसद के सेंट्रल हॉल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए चुने गए युवाओं के साथ ‘अपने नेता को जानो’ कार्यक्रम के तहत बातचीत की।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक यह बातचीत उनके आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई।

बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ स्पष्ट रूप से और खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

बयान के मुताबिक, "उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नेताजी ने अपने जीवन में किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उन्होंने इन चुनौतियों से कैसे पार पायी, यह जानने के लिए उन्हें ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनी पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।"

देश के प्रधानमंत्री से मिलने और संसद के सेंट्रल हॉल में बैठने का अनूठा अवसर मिलने पर युवाओं ने अपना उत्साह भी साझा किया।

बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से इतने सारे लोगों के आने से उन्हें यह भी समझने का मौका मिला है कि विविधता में एकता क्या होती है।

इन 80 युवाओं को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में संसद में पुष्पांजलि समारोह में भाग लेने के लिए देश भर से चुना गया था।

पीएमओ ने कहा कि एक विस्तृत, उद्देश्यपूर्ण और योग्यता आधारित प्रक्रिया, जिला और राज्य स्तर पर भाषण प्रतियोगिता और नेताजी के जीवन और योगदान पर प्रतियोगिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों से चयन के माध्यम से इन युवाओं का चयन किया गया।

इनमें से 31 को संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में नेताजी के योगदान पर बोलने का अवसर भी मिला।

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