जरुरी जानकारी | तेल खली का निर्यात अप्रैल में 10 प्रतिशत बढ़कर 3.34 लाख टन पर
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नयी दिल्ली, 18 मई रैपसीड खली का अधिक निर्यात होने की वजह से तेल खली का निर्यात अप्रैल में 10 प्रतिशत बढ़कर लगभग 3.34 लाख टन हो गया। उद्योग के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने एक बयान में कहा कि अप्रैल, 2022 में तेल खली का निर्यात 3,33,972 टन (अस्थायी) दर्ज किया गया, जो पिछले साल इसी महीने में 3,03,705 टन था।
रैपसीड खली का निर्यात अप्रैल के दौरान बढ़कर 2,29,207 टन हो गया, जो मार्च 2022 में 93,984 टन था।
एसईए ने बताया कि तेल खली का निर्यात पिछले वित्त वर्ष में घटकर 23.8 लाख टन रह गया, जो इससे पिछले साल में 36.8 लाख टन था। मूल्य के संदर्भ में, निर्यात अपने पहले के 8,900 करोड़ रुपये से घटकर पिछले वर्ष 5,600 करोड़ रुपये का रह गया।
चालू वर्ष (2022-23) में तेल खली का निर्यात कम रहने की संभावना है।
घरेलू बाजार में सोयाबीन की ऊंची कीमत के कारण सोयाबीन खली के मामले में भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कहीं अधिक महंगा बैठता है।
दक्षिण कोरिया, वियतनाम, थाइलैंड, बांग्लादेश और ताइवान भारतीय तेल खली के प्रमुख आयातक हैं।
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