विदेश की खबरें | रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान खोजने के लिए ओआईसी और चीन को साझेदारी करनी चाहिए: खान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को आगाह किया कि विश्व 'शीत युद्ध' और प्रतिद्वंद्वी गुटों की राजनीति के कारण "गलत" दिशा में जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान खोजने के लिए मुस्लिम देशों और चीन को साझेदारी करनी चाहिए।
इस्लामाबाद, 22 मार्च पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को आगाह किया कि विश्व 'शीत युद्ध' और प्रतिद्वंद्वी गुटों की राजनीति के कारण "गलत" दिशा में जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान खोजने के लिए मुस्लिम देशों और चीन को साझेदारी करनी चाहिए।
मुस्लिम देशों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हुई।
ओआईसी की 48वीं सीएफएम बैठक ‘एकता, न्याय और विकास के लिए साझेदारी विकसित करने’ के विषय पर आयोजित हो रही है। इसमें लगभग 46 सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व मंत्री स्तर पर, जबकि बाकी देशों की नुमाइंदगी उनके वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देते हुए, खान ने मुस्लिम कल्याणकारी देश, इस्लामोफोबिया और वैश्विक राजनीतिक मामलों की अपनी अवधारणा के बारे में भी बात की।
खान ने सम्मेलन में कहा, "दुनिया एक शीत युद्ध की ओर जा रही है और इसे गुटों में विभाजित किया जा सकता है। दुनिया एक ऐसी दिशा की ओर बढ़ रही है जो हम सभी के लिए चिंताजनक है।"
सम्मेलन में एक विशेष अतिथि के रूप में चीनी विदेश मंत्री वांग यी सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
खान ने सुझाव दिया कि ओआईसी के विदेश मंत्रियों को इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि यूक्रेन में "मध्यस्थता, युद्धविराम और संघर्ष को समाप्त करने का प्रयास" कैसे किये जा सकते है।
उन्होंने आगाह किया, ‘‘यदि युद्ध जारी रहा, तो इसके "दुनिया के लिए गंभीर परिणाम" होंगे।’’
खान ने कहा कि वह इस बारे में चीनी विदेश मंत्री वांग के साथ बात करेंगे कि कैसे ओआईसी, चीन के साथ मिलकर "यूक्रेन में युद्ध को रोक सकता है और इसका समाधान निकाल सकता है।’’
खान ने ‘इस्लामोफोबिया’ के खतरे के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, हमने इसके खिलाफ कुछ नहीं किया ... मुस्लिम देशों के प्रमुखों को कुछ कदम उठाने चाहिए थे।’’
उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों और अफगानिस्तान सरकार को मान्यता नहीं दिये जाने के कारण वहां (अफगानिस्तान) मानवीय संकट हो सकता है, जिससे आतंकवाद का मुकाबला करने की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है।
ओआईसी पाकिस्तान सहित मुस्लिम बहुल देशों का 57 सदस्यीय समूह है।
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