देश की खबरें | बीजद विधायक के दावे से ओडिशा सरकार की किरकिरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को बीजू जनता दल (बीजद) सरकार के लिए उस समय बड़ी असहज स्थिति बन गयी जब सत्तारूढ़ दल के ही एक विधायक ने कहा कि आदिवासी बहुल इलाकों में राज्य सरकार द्वारा संचालित अनेक अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कमी की वजह से चपरासी रोगियों को इंजेक्शन लगाते हैं।
भुवनेश्वर, पांच जुलाई ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को बीजू जनता दल (बीजद) सरकार के लिए उस समय बड़ी असहज स्थिति बन गयी जब सत्तारूढ़ दल के ही एक विधायक ने कहा कि आदिवासी बहुल इलाकों में राज्य सरकार द्वारा संचालित अनेक अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कमी की वजह से चपरासी रोगियों को इंजेक्शन लगाते हैं।
आनंदपुर से बीजद विधायक भागीरथी सेठी ने शून्यकाल के दौरान क्योंझर जिले में अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की दुर्दशा बयां करते हुए यह खुलासा किया। उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता की चिंता नहीं करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री एन के दास की भी आलोचना की।
सेठी ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से इस दिशा में ध्यान देने का अनुरोध किया था, लेकिन उसकी अनदेखी हुई। उन्होंने कहा, ‘‘विधायक बद्री पात्रा और मैंने कई बार इस मुद्दे पर मंत्री का ध्यान खींचा लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ। इसलिए मुझे लगता है कि मंत्री नबा दास से बात करना खुद को बेइज्जत करने जैसा है।’’
बीजद के एक अन्य वरिष्ठ विधायक एस आर पटनायक ने भी राज्य में शराब पीने वाली महिलाओं की संख्या पर सरकारी आंकड़ों में विसंगति को लेकर चिंता प्रकट की।
पटनायक ने शून्यकाल के दौरान कहा, “सरकारी अधिकारी ओडिशा में शराब का सेवन करने वाली महिलाओं की संख्या पर विभिन्न आंकड़े दे रहे हैं, जो कई बार बेमेल और विरोधाभासी होते हैं। सदन के किसी सदस्य के लिए यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि कौन झूठ बोल रहा है। क्या कोई विधायक झूठा है या संबंधित सरकारी अधिकारी? ”
सदन के बाहर पटनायक ने कहा, ‘‘सरकारी कर्मचारी अहंकारी हो गए हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए राज्य सरकार को उन पर अंकुश लगाना चाहिए।’’
सेठी और पटनायक के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजद विधायक आर के दास ने कहा कि यह सच है कि राज्य में डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को भरने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकारी कर्मचारियों के कथित अहंकार पर दास ने कहा‘‘ मुझे ऐसा नहीं लगता। अधिकारी सांसदों की बातों का जवाब दे रहे हैं।’’
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