जरुरी जानकारी | ओडिशा को नाबार्ड के ग्रामीण-ढांचागत कोष का बड़ा हिस्सा मिला
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भुवनेश्वर, 21 मार्च राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने सोमवार को कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष में ओडिशा को 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। यह देश में सबसे अधिक आवंटन है।
नाबार्ड ने एक बयान में कहा कि पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और ग्रामीण संपर्क के संबंध में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई प्राथमिकता के आधार पर आवंटन किया गया है।
बयान में कहा गया है कि इन परियोजनाओं से लोगों की आजीविका में सुधार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत 4,013 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से 2,568 करोड़ रुपये ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए थे।
इसमें कहा गया है कि राज्य में 2,000 किलोमीटर सड़कों और पुलों के निर्माण या उन्नयन से 10 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
राज्यभर में लगभग 17 लाख ग्रामीण आबादी के दरवाजे पर स्वच्छ, उपचारित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नौ बड़ी पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं को 840 करोड़ रुपये मिले हैं।
कृषि से जुड़े क्षेत्र और सिंचाई क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 605 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी दी गई है। इसमें कुसुमी सिंचाई परियोजना और पशुधन टीका उत्पादन इकाई, साथ ही क्लस्टर लिफ्ट सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि आरआईडीएफ की स्थापना के बाद से ओडिशा के लिए कुल मंजूरी 32,100 करोड़ रुपये को पार कर गई है।
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