देश की खबरें | ओडिशा ने वन, कृषि विभाग से आकाशीय बिजली की घटनाओं से निपटने के लिए ताड़ के पेड़ लगाने को कहा
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भुवनेश्वर, आठ सितंबर ओडिशा सरकार ने वन और कृषि विभागों से ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से लोगों की मौत की घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी शमन उपाय के रूप में बड़े पैमाने पर ताड़ के पेड़ लगाने को कहा है।
इस संबंध में निर्णय विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) सत्यब्रत साहू द्वारा बुलाई गई एक अंतर-विभागीय बैठक में लिया गया।
एसआरसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत आपदा रोधी परियोजनाएं शुरू करने के लिए एसआरसी द्वारा अंतर-विभागीय बैठक आयोजित की गई। वन विभाग और कृषि विभाग ने आरक्षित वन क्षेत्र तथा अन्य संवेदनशील जिलों में आकाशीय बिजली से होने वाली क्षति को कम करने के उपायों के रूप में बड़े पैमाने पर ताड़ के पेड़ लगाने को कहा है।’’
विशेष राहत आयुक्त का निर्णय कृषि क्षेत्रों में काम करते समय बिजली गिरने के कारण कई लोगों, ज्यादातर किसानों के जान गंवाने के मद्देनजर आया है। 2021-22 में बिजली गिरने से 281 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से ज्यादातर घटनाएं ग्रामीण इलाकों में हुईं।
एसआरसी ने कहा कि पर्यावरणविदों और मौसम विशेषज्ञों की राय है कि आकाशीय बिजली से सुरक्षा प्रदान करने वाले ताड़ के पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई की जा रही है। बैठक में संकल्प लिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ताड़ के पेड़ लगाए जाने चाहिए।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने कहा कि ताड़ के पेड़, जो नारियल के पेड़ों से ऊंचे होते हैं, अकसर आकाशीय बिजली के खिलाफ ढाल के रूप में काम करते हैं।
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