हुआंग ने सोमवार देर रात कंपनी के ब्लॉग में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया के सबसे अधिक एआई शोधकर्ता चीन में हैं। चीन में यह इतना नवीन और गतिशील है कि यह बेहद जरूरी हो जाता है कि अमेरिकी कंपनियां, चीन में प्रतिस्पर्धा करें और बाजार में अपनी सेवाएं दे सकें।’’
हुआंग ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अमेरिकी नीति निर्माताओं से मुलाकात की थी। इस सप्ताह वे आपूर्ति श्रृंखला सम्मेलन में हिस्सा लेने और चीनी अधिकारियों से वार्ता करने के लिए बीजिंग में हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने अप्रैल में घोषणा की थी कि वह चीन को एनवीडिया के एच20 चिप और एएमडी के एमआई308 चिप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाएगा।
एनवीडिया के अनुसार, कड़े निर्यात नियंत्रण से कंपनी को 5.5 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।
हुआंग और अन्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं। उनका तर्क है कि इस तरह की पाबंदियां दुनिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी बाजारों में से एक में अमेरिकी प्रतिस्पर्धा में बाधा उत्पन्न करती हैं।
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