जरुरी जानकारी | एनएसई आईपीओ: सेबी चेयरमैन ने कहा, ‘‘सभी लंबित मुद्दे जल्द सुलझा लिए जाएंगे’’
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बृहस्पतिवार को विश्वास जताया कि एनएसई आईपीओ से जुड़े सभी लंबित मुद्दे जल्द ही हल हो जाएंगे।
नयी दिल्ली, 22 मई भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बृहस्पतिवार को विश्वास जताया कि एनएसई आईपीओ से जुड़े सभी लंबित मुद्दे जल्द ही हल हो जाएंगे।
एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का प्रस्ताव सेबी के पास लंबित है, क्योंकि बाजार नियामक को इसको लेकर कुछ चिंताएं हैं।
उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा आयोजित कार्यक्रम से इतर पर पांडेय ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ सभी लंबित मुद्दों का समाधान किया जाएगा और हम आगे बढ़ेंगे...एनएसई और सेबी बातचीत कर रहे हैं। वे मुद्दों का समाधान कर रहे हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि यह मामला सुलझ जाएगा...’’
यह पूछे जाने पर कि मुद्दे कब सुलझेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘ मैं कोई समयसीमा नहीं बता सकता लेकिन हम जल्द ही इसे (हल) कर लेंगे।’’
गौरतलब है कि एनएसई की आईपीओ लाने की योजना पिछले आठ वर्ष से अटकी हुई है। शेयर बाजार ने सबसे पहले 2016 में आईपीओ लाने के लिए दस्तावेज दाखिल किए थे। इसके जरिये मौजूदा शेयरधारकों की 22 प्रतिशत शेयर बेचकर बिक्री पेशकश के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी।
हालांकि, कंपनी संचालन और ‘को-लोकेशन’ मामले से जुड़ी नियामक चिंताओं के कारण सेबी ने मंजूरी नहीं दी थी। तब से एनएसई ने मंजूरी के लिए कई बार सेबी का रुख किया है।
एनएसई ‘को-लोकेशन’ से तात्पर्य ऐसी सुविधा से है, जहां कारोबारी सदस्य अपने सर्वर को एक्सचेंज के परिसर में रख सकते हैं। जिससे बाजार के आंकड़ों और ऑर्डर निष्पादन तक तीव्र पहुंच संभव हो जाती है। इस सुविधा का कुछ ब्रोकर द्वारा कथित रूप से बेजा लाभ उठाने को लेकर एनएसई जांच के घेरे में आई थी।
सेबी ने एनएसई के आईपीओ पर विचार करने के लिए एक आंतरिक समिति के गठन की मार्च में घोषणा की थी और बाजार नियामक ने एनएसई से सभी मुद्दों को हल करने के लिए कहा था।
एनएसई का मूल्यांकन करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये है। ‘2024 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया’ 500 सूचीबद्ध एवं गैर सूचीबद्ध कंपनियों के अनुसार, भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार पहले से ही देश की 10वीं सबसे मूल्यवान निजी कंपनी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)