कोहिमा, 15 जुलाई विपक्षी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने उसके सात बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करने के नगालैंड विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को बुधवार को ''मनमाना'' करार दिया और कहा कि वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने संवाददाताओं से कहा कि इस कदम के बारे में फैसला यहां एनपीएफ विधायक दल की बैठक में लिया गया।
नगालैंड विधानसभा के अध्यक्ष शरिंगेन लॉन्गकुमेर ने सात विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की मांग करने वाली, एनपीएफ की एक याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया था और कहा कि वे (बागी विधायक) दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित करने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं जोकि दलबदल से संबंधित है।
जेलियांग ने कहा, '' उन्होंने (अध्यक्ष ने) फैसला 'मनमाने ढंग से' दिया... न्याय नहीं दिया गया है।''
उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष शुरहोजेलि लियोजित्सु की मंजूरी के बाद एनपीएफ ने विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय के खिलाफ अदालत जाने का फैसला किया है।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए सात बागी विधायकों को निमंत्रण नहीं दिया गया था।
एनपीएफ ने पार्टी निर्णय के खिलाफ जाने और पिछले वर्ष राज्य से लोकसभा की एकमात्र सीट के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन करने के लिए अपने सात बागी विधायकों के खिलाफ उन्हें अयोग्य ठहराये जाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।
एनपीएफ ने सात बागी विधायकों पर स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ने का भी आरोप लगाया था।
पार्टी ने जिन विधायकों के खिलाफ याचिका दायर की थी उनमें ई ई पेंगतिआंग, ईशाक कोन्याक, केजोंग चांग, बी एस नगनलांग फोम, तोयांग चांगकोंग चांग, एन थोंगवांग कोन्याक और सी जॉन शामिल हैं।
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