जरुरी जानकारी | आभूषण खरीद के लिए केवाईसी के नये नियम नहीं, केवल अधिक मूल्य की खरीद पर ही यह जरूरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि सोना, चांदी और कीमती रत्न एवं पत्थरों की नकद खरीद के लिये ‘अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी)’ संबंधी कोई नये नियम लागू नहीं किये गये हैं और केवल ऊंचे मूल्य वाली खरीद-फरोख्त के मामले में ही पैन कार्ड, आधार अथवा दूसरे दस्तावेजों की जरूरत होगी।
नयी दिल्ली, आठ जनवरी वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि सोना, चांदी और कीमती रत्न एवं पत्थरों की नकद खरीद के लिये ‘अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी)’ संबंधी कोई नये नियम लागू नहीं किये गये हैं और केवल ऊंचे मूल्य वाली खरीद-फरोख्त के मामले में ही पैन कार्ड, आधार अथवा दूसरे दस्तावेजों की जरूरत होगी।
वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने 28 दिसंबर, 2020 को जारी अधिसूचना को स्पष्ट करते हुये विभाग ने कहा कि दो लाख रुपये से अधिक के आभूषण, सोना, चांदी और कीमती धातुओं रत्न और आभूषण की नकद खरीद पर केवाईसी की आवश्यकता देश में पिछले कुछ सालों से जारी है। यह अभी भी जारी है।
मनी लाड्रिंग रोधी कानून, 2002 के तहत 28 दिसंबर को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 10 लाख रुपये अथवा इससे अधिक का सोना, चांदी, आभूषण और कीमती धातुओं नकद सौदा करने पर अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) दस्तावेज भरने होंगे।
सूत्रों ने कहा कि यह वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) के तहत जरूरी है। यह कार्यबल वैश्विक स्तर पर बनाया गया है जो कि मनी लांड्रिंग और आतंकवादियों को वित्तपोषण के खिलाफ काम करता है। भारत 2010 से ही एफएटीएफ का सदस्य है।
सूत्रों ने कहा कि भारत में पहले से ही दो लाख रुपये से अधिक की नकद खरीद पर केवाईसी दस्तावेज को पहले ही अनिवार्य बनाया हुआ है, इसलिये अधिसूचना में ऐसे खुलासे के लिये कोई नई श्रेणी नहीं बनाई गई है। हालांकि, यह एफएटीएफ के तहत एक आवश्यकता है।
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