नयी दिल्ली, 30 जुलाई केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि मणिपुर में शांति बहाली के लिए राष्ट्रपति शासन जरूरी है।
उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन की अवधि छह महीने के लिए और बढ़ाने के प्रावधान वाले सांविधिक संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि पिछले चार महीनों में मणिपुर में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
राय ने कहा कि आरक्षण से संबंधित उच्च न्यायालय के एक फैसले को लेकर राज्य में 2023 में हिंसा फैली थी और वह हिंसा जातीय थी।
उन्होंने कहा, ‘‘दो धर्मों के बीच कोई संघर्ष नहीं हुआ और न अभी हो रहा है।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद मात्र हिंसा की एक घटना हुई जिसमें एक व्यक्ति की जान गई। पिछले चार महीनों में तो एक भी मौत नहीं हुई। शांति व्यवस्था का इससे बड़ा प्रमाण नहीं हो सकता।’’
राय ने इस बात पर जोर दिया कि शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए राष्ट्रपति शासन जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है। सुलह और संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी है।’’
राय ने दावा किया कि बाहरी लोगों ने भी मणिपुर में हिंसा के दौरान आग में घी डालने का काम किया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में पूर्वात्तर में कुल 12 शांति समझौते हुए हैं।
हक
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