विदेश की खबरें | उत्तर कोरिया और रूस ने अपना पहला सड़क संपर्क मार्ग बनाना शुरू किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दोनों देशों ने अपनी अपनी सीमाओं से जुड़ी नदी पर पुल के निर्माण को एक प्रमुख विकास पहल के रूप में सराहा, जो उनके बढ़ते संबंधों को और आगे बढ़ाएगी।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दोनों देशों ने अपनी अपनी सीमाओं से जुड़ी नदी पर पुल के निर्माण को एक प्रमुख विकास पहल के रूप में सराहा, जो उनके बढ़ते संबंधों को और आगे बढ़ाएगी।

रूस की ‘तास’ समाचार एजेंसी ने बुधवार को बताया कि पुल एक किलोमीटर लंबा होगा और इसके निर्माण में डेढ़ साल का समय लगने की उम्मीद है।

उत्तर कोरिया की ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने कहा कि पुल लोगों की सीमा पार यात्रा, पर्यटन और वस्तुओं के आदान प्रदान को सुगम बनाएगा।

हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंध और विनिमय कार्यक्रम बढ़े हैं तथा यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध का समर्थन करने के लिए उत्तर कोरिया गोला-बारूद और सैनिकों की आपूर्ति कर रहा है।

एक रेलवे पुल और हवाई सेवा पहले से ही उत्तर कोरिया और रूस को जोड़ती है और जून 2024 में दोनों देश टुमेन नदी पर ऑटोमोबाइल के लिए एक पुल बनाने पर सहमत हुए जो रूस एवं चीन के साथ उत्तर कोरिया की सीमाओं पर बहती है।

दोनों देशों की सरकारी मीडिया एजेंसियों के अनुसार, बृहस्पतिवार को उत्तर कोरिया और रूस ने अपने-अपने सीमावर्ती शहरों में पुल के निर्माण के लिए एक साथ समारोह आयोजित किया।

एजेंसियों ने कहा कि उत्तर कोरिया के प्रधानमंत्री पाक था सोंग और रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन वीडियो लिंक के माध्यम से समारोह में शामिल हुए।

केसीएनए ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रधानमंत्री पाक था सोंग ने कहा कि पुल के निर्माण को द्विपक्षीय संबंधों में ‘‘एक ऐतिहासिक स्मारक’’ के रूप में याद किया जाएगा।

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