जरुरी जानकारी | नोएडा हवाई अड्डा: अवैध निर्माण, पशु-पक्षियों से उड़ान परिचालन में जोखिम पर बैठक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भवनों के अनियमित निर्माण और पक्षियों व जानवरों की मौजूदगी, उड़ान सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनकर उभर रही है। इसे देखते हुए गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में खतरों से निपटने के लिए तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

नोएडा, 10 जुलाई जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भवनों के अनियमित निर्माण और पक्षियों व जानवरों की मौजूदगी, उड़ान सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनकर उभर रही है। इसे देखते हुए गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में खतरों से निपटने के लिए तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट (जिलाधिकारी) मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में हवाई अड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति (एईएमसी) ने इन चुनौतियों पर गौर किया। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं हवाई अड्डा अधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया।

आधिकारिक बयान के अनुसार, डीएम ने सुचारू और सुरक्षित हवाई अड्डा संचालन सुनिश्चित करने के लिए 10 किलोमीटर के दायरे में सफाई, अपशिष्ट नियंत्रण और अवैध निर्माण के नियमन की आवश्यकता पर बल दिया, तथा उड़ान संचालन के लिए जोखिम का उल्लेख किया।

वर्मा ने क्षेत्र में कचरे को फेंकने से बचने की जरूरत पर बल दिया और विभागों को एईएमसी के साथ समन्वय में नियमित मासिक निरीक्षण करने और चेयरपर्सन को समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

बयान के अनुसार, “उन्होंने जलभराव को रोकने के लिए सभी जल निकासी प्रणालियों को मजबूत करने का भी आदेश दिया। कानूनी कार्रवाई और अवैध निर्माण को हटाने के लिए उनकी पहचान करने को एक सर्वेक्षण दल के गठन को मंजूरी दी।”

बैठक में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) किरण जैन, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त और राजस्व) अतुल कुमार, जेवर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अभय कुमार सिंह, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी और जिला प्रशासन और हवाई अड्डा परियोजना से जुड़े विभागों के अन्य अधिकारी शामिल हुए।

सीओओ जैन ने हवाई अड्डे के 10 किलोमीटर के दायरे में पर्यावरणीय स्थितियों और परिचालन संबंधी खतरों पर प्रकाश डालते हुए एक प्रस्तुति दी।

जिला सूचना कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इसके जवाब में जिलाधिकारी वर्मा ने अस्वीकृत निर्माणों की पहचान करने, निर्माण गतिविधियों को विनियमित करने, स्थानीय प्रशासन के साथ संयुक्त सर्वेक्षण शुरू करने और एक बाधा निकासी समिति बनाने के लिए कहा।

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