जरुरी जानकारी | निजी उपयोग के लिए उद्यमों को स्पेक्ट्रम आवंटित करने का कोई औचित्य नहीं: सीओएआई
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नयी दिल्ली, आठ जून उद्योग निकाय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने बुधवार को कहा कि निजी कैप्टिव नेटवर्क के संचालन के लिए उद्यमों को सीधे स्पेक्ट्रम आवंटित करने का कोई औचित्य नहीं है।
सीओएआई ने साथ ही कहा कि लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार कंपनियां निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और लागत प्रभावी समाधान देने में सक्षम हैं।
कैप्टिव नेटवर्क से आशय कंपनियों के ऐसे दूरसंचार नेटवर्क से है, जो उनके निजी उपयोग लिए हो।
सीओएआई के सदस्यों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया शामिल हैं। उद्योग निकाय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दूरसंचार परिचालक और प्रौद्योगिकी कंपनियां 5जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कैप्टिव निजी नेटवर्क की बहस को लेकर उलझी हुई हैं।
निजी उद्यमों ने दावा किया है कि दूरसंचार कंपनियों पर निर्भरता के बिना कैप्टिव नेटवर्क के निर्माण के लिए सीधे स्पेक्ट्रम देने से डिजिटल एजेंडा में तेजी आएगी।
हालांकि, सीओएआई ने इस तर्क को खारिज करते हुए 5जी प्राइवेट नेटवर्क पर अपने स्थिति पत्र में सरकार से आग्रह किया है कि निजी कैप्टिव नेटवर्क पर ऐसे किसी भी स्पेक्ट्रम को आरक्षित या डी-लाइसेंस नहीं करना चाहिए, जिसकी पहचान मोबाइल सेवाओं के उपयोग के लिए की गई है।
सीओएआई ने कहा कि ऐसा करने से, ‘‘सरकारी खजाने की कीमत पर निजी वाणिज्यिक संस्थाओं को अनुचित लाभ’ मिलेगा।
उद्योग निकाय ने यह भी कहा कि इससे बुनियादी नीतियों में मनमानी को बढ़ावा मिलेगा, जो नेटवर्क में निवेश को हतोत्साहित करेगा तथा सरकारी खजाने की कीमत पर निजी वाणिज्यिक संस्थाओं को अनुचित लाभ मिलेगा।
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