देश की खबरें | नीतीश कुमार ने अपने गृहनगर बख्तियारपुर से जाति आधारित सर्वेक्षण के दूसरे चरण की शुरुआत की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपने गृहनगर पटना जिले के बख्तियारपुर से जाति आधारित सर्वेक्षण का दूसरा चरण शुरू किया।

पटना, 15 अप्रैल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपने गृहनगर पटना जिले के बख्तियारपुर से जाति आधारित सर्वेक्षण का दूसरा चरण शुरू किया।

जाति आधारित गणना की कवायद में जुटे अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के बख्तियारपुर स्थित आवास पर सर्वे के दौरान नीतीश व उनके परिवार के सदस्यों से जानकारी इकट्ठा की।

जाति आधारित गणना के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बिहार सरकार द्वारा की गई एक अच्छी पहल है। जाति आधारित गिनती के दौरान लोगों की आर्थिक स्थिति और उनकी जाति से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे ताकि राज्य सरकार को पता चल सके कि कितने लोग गरीब हैं और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए किस तरह के कदम उठाए जाने चाहिए।’’

उन्होंने कहा, “अन्य राज्यों के लोग भी यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि हम इस अभ्यास का संचालन कैसे कर रहे हैं। लोगों को उनकी आर्थिक स्थिति की गणना के बाद बहुत लाभ होगा, चाहे वे उच्च जाति, पिछड़ी जाति, दलित, महादलित या समाज के बेहद कमजोर वर्ग से संबंधित हों।’’

सर्वेक्षण का दूसरा चरण 15 मई तक चलेगा। पहला चरण 21 जनवरी को पूरा हो गया था।

पटना में घर-घर सर्वेक्षण के लिए गणनाकारों और पर्यवेक्षकों सहित लगभग 15,000 अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सर्वेक्षण फरवरी 2023 तक पूरा किया जाना था।

बिहार सरकार इस सर्वेक्षण के लिए अपने आकस्मिक कोष से 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सर्वेक्षण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग नोडल प्राधिकारी है।

बिहार की राजनीति में जाति-आधारित गिनती एक प्रमुख मुद्दा रहा है, नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और महागठबंधन के सभी घटक लंबे समय से मांग कर रहे थे कि जल्द से जल्द यह कवायद (जाति आधारित जनगणना) की जाए।

केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)सरकार ने 2010 में राष्ट्रीय स्तर पर जाति आधारित जनगणना कराने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन जनगणना के दौरान इससे संबंधित एकत्र आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया गया।

केंद्र कितने की वर्तमान सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जाति आधारित गणना करने में असमर्थता व्यक्त करने के मद्देनजर बिहार सरकार ने अपने स्तर पर यह कवायद शुरू की।

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